कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने कलेक्टरों को विशेष अधिकार दिए | MP NEWS
       
        Loading...    
   

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने कलेक्टरों को विशेष अधिकार दिए | MP NEWS

भोपाल। प्रदेश में कोविद-19 महामारी से निपटने के लिये तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार 'अपॉइन्टमेंट हेल्थ ऑफिसर इन इमरजेंसी' की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी। नियुक्ति के अधिकार का प्रयोग मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से कलेक्टर के अनुमोदन से कर सकेंगे।

जिला स्तर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वीकृत रिक्त पदों पर आवश्यकता अनुसार स्टाफ नर्स/पैरामेडिकल स्टाफ/चिकित्सक आदि को अस्थायी रूप से तीन माह के लिये नियोजित किया जा सकेगा। शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में ओपीडी पंजीयन आदि व्यवस्था प्रतिबंधित किये जाने से मुक्त हुए स्वास्थ्य कर्मियों को भी अस्थायी रूप नियोजित किया जा सकेगा।

जिला स्तर पर कोविद-19 के नियंत्रण के लिये स्वयंसेवी विषय-विशेषज्ञ, चिकित्सक यदि कोविद-19 कम्बेट रिस्पॉन्स टीम के सदस्य के रूप में अपनी सेवाएँ देना चाहते हों, तो उन्हें आवश्यकतानुसार अस्थायी रूप से नियोजित किया जा सकेगा। बी.एस.सी नर्सिंग एवं जी.एन.एम प्रशिक्षण केन्द्रों के अंतिम वर्ष की छात्राओं को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले में स्टाफ नर्स के रिक्त पदों पर अस्थायी रूप से पदस्थापना दी जा सकेगी। जिले के शासकीय प्रशिक्षण केन्द्रों से प्रशिक्षण प्राप्त ऐसी ए.एन.एम., जो किसी शासकीय संस्था में कार्यरत न हों, उनकी पदस्थापना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा न्यूनतम निर्धारित मानदेय पर तीन माह के लिये की जा सकेगी।

23 मार्च को सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें 

खबर पर मुहर: केंद्रीय नेतृत्व शिवराज के नाम पर सहमत, विधायक दल की मीटिंग बुलाई
Jio ने कर्मचारियों के लिए लांच किया Work from Home Data Plan, 2GB डेली डाटा मिलेगा
कमलनाथ का एक और फेलियर: बागी विधायकों ने नंबर बदल लिए थे, सीएम को पता नहीं चला
MPPEB NEWS: अप्रैल से जून तक की एंट्रेंस एग्जाम का कैलेंडर जारी
Missing Mobile की Location सिंगल क्लिक पर यह देखें
यदि चलती ट्रेन में ड्राइवर बेहोश हो जाए तो क्या होगा, पढ़िए | GK IN HINDI
चीन से ग्वालियर आया युवक, डॉक्टरों ने जांच नहीं की, इलाके में दहशत 
भोपाल में आधा दर्जन से ज्यादा कोरोना संदिग्ध, पड़ोसियों ने बताया लेकिन टीम नहीं आई 
नेशनल पेंशन स्कीम में हर कर्मचारी को 25 हजार का घाटा हो गया