कमलनाथ फ्लोर टेस्ट नहीं कराएंगे, गवर्नर गुस्से में, सरकार बर्खास्त हो सकती है | MP NEWS
       
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कमलनाथ फ्लोर टेस्ट नहीं कराएंगे, गवर्नर गुस्से में, सरकार बर्खास्त हो सकती है | MP NEWS

भोपाल। राज्यपाल श्री लालजी टंडन की दूसरी चिट्ठी लेकर जाने के बाद सीएम हाउस के सूत्रों से खबर मिल रही है कि मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ किसी भी स्थिति में फ्लोर टेस्ट कराने के मूड में नहीं है। हो जाते हैं कि राज्यपाल अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जो भी कार्रवाई हो सकती है करें। इधर राजभवन के सूत्रों का कहना है कि गवर्नर काफी गुस्से में है। कमलनाथ सरकार को बर्खास्त किया जा सकता है। 

कमलनाथ का सिर्फ एक टारगेट, तारीख बढ़ाओ

विधानसभा के पिछले सदन में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जरूरत ना होते हुए भी बहुमत साबित कर दिया था परंतु इस बार सरकार फ्लोर टेस्ट को डालने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इसकी सलाह दी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ चाहते हैं कि जितने ज्यादा समय तक हो सके, फ्लोर टेस्ट घोटाला जाए ताकि स्थितियों पर नियंत्रण पाने का कोई नया अवसर हाथ आ सके। 

क्या अपनी ही सरकार को बर्खास्त करवाना चाहते हैं कमलनाथ

सीएम कमलनाथ को कुछ लोगों ने सम्मान पूर्वक इस्तीफा देने की सलाह दी थी परंतु उन्होंने अस्वीकार कर दिया। वह चाहते हैं कि राज्यपाल अपनी शक्तियों का प्रयोग करके सरकार के खिलाफ कार्रवाई करें। वह सरकार को बर्खास्त कर दें या फिर सुप्रीम कोर्ट से कोई फैसला हो। इसके कारण पहला तो उन्हें कुछ और वक्त मिल जाएगा और दूसरी बात यह कि सरकार गिर जाने के बाद राज्यपाल की कार्यवाही को अन्यायपूर्ण बताते हुए जनता से आंख मिलाने का अवसर मिल जाएगा। अब तक ज्यादातर लोग कमलनाथ के कड़वे वचन को सरकार के लिए संकटकारी मान रहे हैं।


  • राज्यपाल लालजी टंडन नाराज बताए जा रहे हैं। वे विधानसभा में बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत करने 9 मिनट की देरी से पहुंचे और पूरा अभिभाषण पढ़े बिना 11 मिनट में राजभवन लौट गए। 
  • राज्यपाल ने विधायकों से पूछा- स्वेच्छा से आए हैं? इस पर विधायकों ने एक साथ ‘हां’ में जवाब दिया। राज्यपाल ने पूछा- कोई दबाव तो नहीं? विधायकों ने कहा- बिल्कुल नहीं। राज्यपाल ने कहा- अब लोकतंत्र बचाने की जिम्मेदारी मेरी है। 
  • शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जानते हैं कि वे अल्पमत में हैं। सरकार डरकर मैदान छोड़कर भाग गई। कांग्रेस के सिर्फ 92 और भाजपा के 106 विधायक हैं। अब ये निश्चित हो गया है कि बहुमत भाजपा के साथ है।