मंत्री जीतू पटवारी से दुखी पंडित कृपाशंकर शुक्ला: भरी सभा में आंसू आ गए | INDORE NEWS
       
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मंत्री जीतू पटवारी से दुखी पंडित कृपाशंकर शुक्ला: भरी सभा में आंसू आ गए | INDORE NEWS

इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंडित कृपाशंकर शुक्ला की आंखें उस समय ना हो गई जब वह मंत्री जीतू पटवारी की बेरुखी का जिक्र कर रहे थे। बुधवार को अर्जुन सिंह विचार मंच की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। लगभग सभी कांग्रेस पदाधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल थे।

भीगी आंखों से किस्सा बताते हुए शुक्ला ने उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी के बारे में कहा कि चार दिन से उन्होंने फोन नहीं उठाया। शहर से जुड़े तीनों मंत्री ऐसा ही बर्ताव कर रहे हैं। जब मेरी यह स्थिति है तो आम कार्यकर्ताओं की स्थिति समझी जा सकती है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत कांग्रेस नेता अर्जुनसिंह की बुधवार को पुण्यतिथि थी। इसी दौरान अर्जुन सिंह विचार मंच ने किला मैदान रोड स्थित महेश दृष्टीहीन कल्याण संघ में आयोजन रखा था। आयोजन के दौरान मंच पर मौजूद शुक्ला ने कहा कि कार्यकर्ताओं की पीड़ा मैं समझ सकता हूं। वे बोल नहीं सकते, लेकिन मैं अंतिम पड़ाव पर हूं जो सच है, वो कहूंगा।

उन्होंने कहा कि मंत्रियों की स्थिति ये है कि फोन तो उठाते नहीं, चार-चार दिन तक जवाब भी नहीं आता। मौके पर कार्यकारी शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, पूर्व मंत्री रामेश्वर पटेल, दीपू यादव से लेकर सेवादल जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर पटेल समेत तमाम नेता मौजूद थे। जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव ने शुक्ला को टोकते हुए सार्वजनिक मंच से ऐसा सब कहने से रोकने की कोशिश भी की। हालांकि शुक्ला नहीं रुके। उन्होंने यह भी कह दिया कि जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे तो जब भी इंदौर आते, कार्यकर्ताओं और जनता से मिलते थे। अब वह दौर नहीं रहा। बाद में कार्यकारी अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वे कार्यकर्ताओं की पीड़ा व पंडितजी की बात ऊपर तक पहुंचाएंगे।

28 को पार्टी ने दिया नोटिस

सदाशिव यादव ने जिले के 28 पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें ब्लॉक अध्यक्ष व कार्यवाहक अध्यक्ष शामिल हैं। इन सभी से पांच दिन में जवाब मांगा गया है। आरोप है कि ये सभी पदाधिकारी होने के बावजूद जिले की बैठकों और आयोजनों में शामिल होने नहीं पहुंच रहे हैं। बीते दिनों मुख्यमंत्री की यात्रा की तैयारियों की बैठक में भी ज्यादातर नदारद रहे। गांधी पदयात्रा से लेकर तमाम आयोजनों में पार्टी के प्रति इनकी बेरुखी बरकरार है। बताया जा रहा है कि काम नहीं होने व सुनवाई नहीं होने से नाराज होकर पदाधिकारियों ने बैठक से दूरी बना रखी है।