मेडिकेप गेंस कंपनी निवेशकों के 500 करोड़ लेकर फरार | INDORE NEWS
       
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मेडिकेप गेंस कंपनी निवेशकों के 500 करोड़ लेकर फरार | INDORE NEWS

इंदौर। शेयर बाजार में निवेश की सलाह और अधिक मुनाफे की आड़ में एक एडवाइजरी कंपनी ने तीन माह में 500 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी कर डाली। कंपनी के कर्ताधर्ताओं ने पता भी फर्जी बताया और मोबाइल बंद कर लिए। ठगाए निवेशक सोशल मीडिया के जरिए एकजुट हुए और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई।

नोएडा निवासी कॉन्ट्रैक्टर संजय प्रतापसिंह के मुताबिक, मेडिकेप गेंस कंपनी के कर्मचारियों ने पिछले वर्ष सितंबर में निवेशकों से संपर्क करना शुरू किया था। उन्होंने ज्यादातर उन्हीं लोगों को टारगेट किया जो 'जिरोधा ब्रोकिंग' में निवेश करते थे। आरोपितों ने सेवन एनआर, एग्रोफोस और मौर्या उद्योग लि. के शेयर में निवेश करवाया। कंपनी की वेबसाइट पर जानकारी निकालने पर ग्राहकों को शेयरों के भाव अधिक दिखाए गए। लेकिन अचानक भाव गिरा दिए और कंपनी रातोरात गायब हो गई। इससे निवेशकों में हड़कंप मच गया और रातोरात एक-दूसरे से संपर्क किया। 

ओडिसा की रीता कुमारी, हिमांशु प्रधान, मनोज कुमार साहो, अनंता नारायण प्रधान, तमिलनाडू के कुमार गुरु, बालम गुरु, शशिकांत, राजेंद्र, लक्ष्मण भाई, भारती बी., सुभाष, सुरुबाबू, मुथुराज, राजकुमार, दयालन, कान्नाान, कल्पना मनी, तावहीद, मुंबई के रामचंद्र, अनूप, ताजस, विक्रम कुमार, गजानन, ध्यानेश्वर, हुस्नापरी, स्वर्णा तांबड़े, सोनाली, ओंकार, प्रसाद, यश, अनिल, विवेकानंद, संजय, अक्षय, वैभव, सरोज, सचिन, राजस्थान के राकेश साहू, हिमांशु, गोविंद प्रसाद, गौरव दोशी, नरेश कुमार, ओमप्रकाश, अजय कुमार, आशुतोष सारड़ा, सुधा, हर्षित, दुर्गेश सोनी, सपना भट्ट, राकेश कुमार, मो.इरशाद, आंध्रप्रदेश के आर्यन हरीश, जंगा रेड्डी, अनिर्बन, अंजान, नारा, तनवरी, मोहम्मद, रानी जी., प्रदीप कुमार, विद्यासागर, सनिथ कुमार, गंगाधर, विनोद बोइना, आनंद प्रकाश, आकाश राय, जी.सार्थ कुमार, गुजरात के सागर कुमार, इरफान दूधवाला, माधव भगतजी, मिलन, प्रतीक, हितेश, गिरीश, ऋषिकेश, ओमप्रकाश, धर्मेंद्र सिंह, आशीष झाला, अनिल पटेल सहित कर्नाटक, पंजाब, मध्यप्रदेश,असम के निवेशक एकत्र हुए और कंपनी की जानकारी जुटाकर क्राइम ब्रांच को शिकायत दर्ज करवाई।

क्राइम ब्रांच ने पिछले दिनों खजराना, लसूड़िया और तुकोगंज क्षेत्र स्थित पांच एडवाइजरी कंपनियों के विरुद्ध कार्रवाई की थी। सूचना मिली कि थानों पर आरोपितों ने सांठगांठ कर कमजोर धाराओं में केस दर्ज करवाया है। इससे आरोपित फरारी में आसानी से अग्रिम जमानत करवा लेते हैं। क्राइम ब्रांच एएसपी राजेश दंडौतिया ने सभी टीआई को धोखाधड़ी के साथ निक्षेपकों के हितों के संरक्षण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। तुकोगंज थाना पुलिस फ्यूचर इन्वेस्टमेंट के संचालक आशुंजय केलवा, पिंकी केलवा और गौरव श्रीवास्तव व क्राइम ब्रांच अलका श्रीवास्तव और मनीष लालवानी, महेश पटेल की तलाश कर रही है।