वाहनों का बीमा महंगा हुआ, नया प्रीमियम 1 अप्रैल से | THIRD PARTY INSURANCE PREMIUM
       
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वाहनों का बीमा महंगा हुआ, नया प्रीमियम 1 अप्रैल से | THIRD PARTY INSURANCE PREMIUM

दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ अन्य बड़े वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा (VEHICLE INSURANCE) प्रीमियम बढ़ सकता है। बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने 1 अप्रैल 2020 से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष में इसकी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। इरडा ने वित्त वर्ष 2020-21 में 1000 सीसी से कम की कारों के लिए थर्ड पार्टी (टीपी) मोटर बीमा प्रीमियम दरों को 5.3 प्रतिशत बढ़ाकर 2182 रुपए करने का प्रस्ताव किया है। जो अभी 2072 रुपए है।

किस वाहन कितना बढ़ सकता है प्रीमियम

1000 से 1500 सीसी की कारों के लिए प्रीमियम को 3221 रुपए से बढ़ाकर 3383 रुपए करने का प्रस्ताव किया गया है। 
1500 सीसी से अधिक की कारों का थर्ड पार्टी प्रीमियम को नहीं बढ़ाया जाएगा । इसको 7890 रुपए रखने का ही प्रस्ताव है।
75 सीसी से कम के दोपहिया पर 482 रुपए से बढ़ाकर 506 रुपए करने का प्रस्ताव है।
75 सीसी से ज्यादा के दोपहिया पर 752 से बढाकर 769 रुपए करने का प्रस्ताव है।
150 सीसी ज्यादा के दोपिया का प्रीमियम 1193 से बढ़ाकर 1301 रुपए करने प्रस्ताव है।
350 सीसी से अधिक की बाइक पर प्रीमियम को 2323 रुपए से बढ़ाकर 2571 रुपए करने का प्रस्ताव है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रीमियम में मिल सकती है छूट

इरडा ने इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रीमियम के लिए 15 प्रतिशत की छूट का प्रस्ताव दिया है। इरडा का कहना है कि यह पर्यावरण के अनुकूल वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करेगा। इसके अलावा, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मोटर प्रीमियम पर 7.5 प्रतिशत की छूट भी प्रस्तावित है।

जून 2019 में भी बढ़ा था कीमत

बीते साल जून में भी फोर-व्हीलर और टू-व्हीलर का थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में बढ़ोतरी की गई थी। इरडा ने इसमें 21 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी की है।

क्या है मोटर थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस?

थर्ड पार्टी यानी तीसरा पक्ष। पहला पक्ष वाहन मालिक, दूसरा वाहन चालक और दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तीसरा पक्ष होता है। मोटर वाहन के सार्वजनिक स्थान पर उपयोग के दौरान वाहन से यदि कोई दुर्घटना होती है और किसी तीसरा पक्ष (थर्ड पार्टी) को जान-माल की हानि होती है तो वाहन का मालिक और उसका चालक इस नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए कानूनन बाध्य होते हैं। ऐसी स्थिति में आर्थिक मुआवज़े की भरपाई के लिए बीमा कंपनियां थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस करती हैं। बीमा होने पर मुआवज़े की राशि का भुगतान सम्बंधित बीमा कंपनी करती है।