Loading...    
   


जब पुरानी पेंशन नहीं तो उन नियमों से अनिवार्य सेवा निवृति क्यों | EMPLOYEE NEWS

भोपाल। गत दिवस भोपाल के नीलम पार्क में पुरानी पेंशन की मांग को लेकर नेशनल मूवमेंट ऑफ ओल्ड पेंशन स्कीम (राष्ट्रीय संगठन) के बेनर तले प्रदेश स्तरीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु, प्रदेश अध्यक्ष परमानन्द डेहरिया, मप्र शासन के विधि विधायी मंत्री पीसी शर्मा, सदस्य कर्मचारी आयोग वीरेंद्र खोन्गल, चेयरमैन वचनपत्र कमेटी राजेंद्र सिंह का उपस्थिति उल्लेखनीय रही। 

कार्यक्रम में ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन (TWTA) के प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने भाग लिया सभा को एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डी के सिंगौर ने संबोधित करते हुए कहा कि एनपीएस योजना में अन्य कर्मचारियों की तुलना में अध्यापक संवर्ग को अधिक नुकसान हो रहा है क्योंकि नियुक्ति के 12 वर्ष तक कटौती हुई ही नहीं जिसके चलते लंबी सेवा के बाद भी अध्यापकों के एनपीएस खातों में जमा राशि बहुत कम है जाहिर है पेंशन उसी हिसाब से बनेगी । डी के सिंगौर ने बताया कि जमुना देवी चौधरी सहायक अध्यापक बड़नगर उज्जैन की है जिनकी सेवा निवृति 31/8/18 को हुई उन्हें  मासिक पेशन ₹ 894 प्राप्त  रही है। 894 उन्हें जीवन भर मिलेगी कोई वृद्धि नहीं होगी। प्रदेश अध्यक्ष डी के सिंगौर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु को आश्वस्त कराते हुए कहा कि आपने पुरानी पेंशन की लड़ाई शुरू की है जिसे अंजाम तक पहुंचाने में अध्यापक कोई कसर नहीं छोडेंगे। 

डी के सिंगौर ने कहा कि सरकार अध्यापकों पर दोहरी मार कर रही है एक तरफ मप्र पेंशन नियम 1976 के नियम से पेंशन तो नहीं दे रही है लेकिन इसी  नियम से शिक्षकों को अनिवार्य सेवा निवृति दी जा रही है । एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने अपने उदबोधन में सरकार को सलाह दी कि सरकार अपने अंशदान की राशि जो कि 4 लाख तक है अध्यापकों के प्रान खाते से लेकर अपने खजाने में जमा कर ले और हमारे अंशदान की राशि हमारे जीपीएफ के रूप में जमा कर दे इससे प्रदेश की आर्थिक हालत भी सुधरेगी और शिक्षकों को पुरानी पेंशन भी मिले जायेगी । विधि विधायी एवं जनसंपर्क मंत्री पी सी शर्मा ने कहा कि वचन पत्र के अनुसार शिक्षकों को पुरानी पेंशन मिलेगी। 

आयोग के सदस्य वीरेंद्र खोंगल ने कहा कि आप लोगों को मैं अपनी बात रखने के लिए एक दिन आप लोगों को आमंत्रित करूंगा उन्होंने कहा कि जब विधायक और सांसद एक दिन की सेवा के बदले पेंशन पा सकते है तो शिक्षकों को 30-32 साल की सेवा के बदले पेंशन क्यों नहीं ।ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन अपने निर्णय के अनुसार अपनी पुरानी पेंशन की लड़ाई एन एम ओ पी एस के बेनर तले ही लड़ेगा। 


भोपाल समाचार: टेलीग्राम पर सब्सक्राइब करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here
भोपाल समाचार: मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कृपया यहां क्लिक करें Click Here