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अमित शाह के बयान का असर इंदौर में 50 से ज्यादा भाजपा नेताओं का इस्तीफा | MP NEWS

इंदौर। भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लखनऊ में दिए गए बयान का असर इंदौर में दिखाई दिया है। इंदौर में 50 से ज्यादा भाजपा नेताओं ने इस्तीफा दे दिया। इन लोगों को उम्मीद थी कि भाजपा की केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन कानून एवं राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर मामले में कुछ तो ऐसा करेगी ताकि मुसलमानों का असंतोष खत्म हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विरोध स्वरूप इस्तीफे शुरू हो गए। 

तीन तलाक, 370 और अयोध्या पर चुप रहे लेकिन अब नहीं

गुरुवार को इंदौर में इस्तीफा देने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं ने मीडिया से कहा कि वर्तमान परिदृश्य की बात करें तो देश में भेदभाव चल रहा है। कश्मीर से धारा 370 हटी तो हमने कहा कि अच्छा हुआ। हम उसके पक्ष में थे कि अब कश्मीर में हम भी जाकर रह सकते हैं। तीन तलाक समाप्त हुआ तब भी हमने कोई हिंदू-मुस्लिम नहीं किया। बाबरी मस्जिद के फैसले में भी मंदिर के साथ मस्जिद को भी स्थान दिया जा रहा है। इस देश में हिंदू-मुस्लिम कब तक चलेगा, एक मुद्दा समाप्त होता है तो दूसरा मुद्दा सामने आ जाता है। दूसरे के बाद तीसरा, चौथा...लगातार नए-नए मुद्दे सामने कर दिए जाते हैं।

अर्थव्यवस्था और रोजगार की बात कब करेंगे

हम हिंदु-मुसलमान के बजाय अर्थव्यवस्था, रोजगार की बात कब करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की कार्यशैली से नाराज इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे सीएए का विरोध करते हैं और प्रस्तावित एनआरसी के साथ ही एनपीआर का भी विरोध करेंगे।

भाजपा में इसलिए नहीं आए थे बिरादरी से दूर हो जाएं

भाजपा से इस्तीफा देने वालों में इंदौर के साथ महू, देवास और खरगोन के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी शामिल हैं। इनका कहना है कि भाजपा अब सबकी पार्टी नहीं रही। यहां सबके लिए इंसाफ नहीं है। जिस कानून की जरूरत नहीं थी, उसे खड़ा कर दिया गया। इसी के विरोध में पार्टी छोड़ी जा रही है। इनका कहना है कि वे इसलिए भाजपा में नहीं आए थे कि वे अपनी बिरादरी, समाज से दूर हो जाएं।


भाजपा छोड़ने वालों में विजयवर्गीय के खास समर्थक भी

पार्टी से इस्तीफा देने वालों में राजिक फर्शीवाला भी शामिल हैं जो भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के खास समर्थक माने जाते रहे हैं। इसके अलावा देवास की इटावा से पार्षद शबाना रईस खान, खरगोन अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष तस्लीम खान, अल्पसंख्यक मोर्चा मप्र की सदस्य सईदा खान, अल्पसंख्यक मोर्चा मप्र के मीडिया प्रभारी आरिक शेख, रेहान चौधरी, अल्संख्यक मोर्चा के नगर महामंत्री वसीम खान आदि शामिल है।