इंदौर में 100 करोड़ का फर्जीवाड़ा, संजय द्विवेदी के यहां EOW का छापा | INDORE NEWS
       
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इंदौर में 100 करोड़ का फर्जीवाड़ा, संजय द्विवेदी के यहां EOW का छापा | INDORE NEWS

इंदौर। 30 से ज्यादा कंपनियां बनाकर 100 करोड़ का फर्जीवाड़ा करने के आरोपी संजय द्विवेदी के यहां आर्थिक अपराध शाखा ने छापामार कार्रवाई की है। EOW को संजय द्विवेदी के यहां 25 बुरी दस्तावेज और 250 से ज्यादा चेकबुक मिली है। संजय द्विवेदी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है।

इंदौर में बैठे-बैठे मुंबई से 33 करोड रुपए का लोन ले लिया था

ईओडब्ल्यू एसपी एसएस कनेश के मुताबिक, संजय द्विवेदी के यहां 25 बोरे दस्तावेज मिले, 250 से ज्यादा चेकबुक और 04 कॉर्टन सील मिली। दो बोरी दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं, जबकि बाकी 23 बोरी को सील कर दिया है। एक टीम मुंबई स्थित दफ्तर की जांच के लिए भेजी जा रही है। वहां उसकी ऐसी ही 8 कंपनियां हैं। संजय ने इंदौर में बैठे-बैठे ही मुंबई की एक बैंक से 33 करोड़ रुपए का लोन ले लिया था।

जब निवेश हुआ, तब संजय जमानत पर था बाहर

डीएसपी आनंद यादव के मुताबिक संजय और नेहा की कंपनी DS CAPITAL में बीती तिमाही (सितंबर-दिसंबर) में 235 लोगों ने 50 लाख रुपए का निवेश किया। इस दौरान संजय जमानत पर बाहर था। जिस कंपनी में उसने निवेश करवाया, उसे SEBI से मान्यता नहीं है। उसने इस निवेश की जानकारी भी सेबी को नहीं दी। सेबी के नियमानुसार निवेश करने वाले हर व्यक्ति से एग्रीमेंट जरूरी है, वह भी नहीं मिला। दूसरी फर्जी कंपनी Ebiz Gateway के जरिए भी संजय ने काफी निवेश कराया।

संजय और नेहा बैंक में नौकरी करते थे वहीं से सीखी फर्जीवाड़े की ट्रिक

डीएसपी यादव ने बताया कि संजय 2012-13 से ठगी कर रहा है। ऑनलाइन जारी होने वाले टेंडर के प्रिंट आउट निकालकर वह लोगों को प्रोजेक्ट मिलने का झांसा देता था। फिर उन्हें पार्टनर बनाता, उनकी संपत्ति बैंक में बंधक रखवाता और लोन निकाल लेता। संजय और पत्नी नेहा 2006-07 में एक निजी बैंक में नौकरी करते थे। यहीं दोनों ने सीखा कि किस तरह फर्जी कंपनी, दस्तावेज बनाकर लोन लिया जा सकता है। इसके बाद दोनों ने नौकरी छोड़ दी।

30 कंपनी, फिर भी कहीं काम नहीं किया

संजय, नेहा ने 30 कंपनी बना रखी थी। इनमें रियल एस्टेट से लेकर निवेश कंपनियां शामिल हैं, लेकिन हकीकत में कहीं भी इनकी फर्म ने काम नहीं किया। एसपी का कहना है कि संजय, नेहा के खिलाफ बेटमा और देपालपुर थाने में किसानों ने FIR कराई थी। एक पीड़ित महेश पुरी ने 11 जनवरी को ही धोखाधड़ी करने सहित अन्य मामलों में केस दर्ज कराया। कोई कार्रवाई करते, इसके पहले ही पति-पत्नी फरार हो गए