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शिक्षामंत्री सर, अतिथि शिक्षकों के 1 साल का अनुभव चोरी हो गया है, वापस दिलवाइए | KHULA KHAT

आदरणीय महोदय जी, सादर नमस्‍कार, विगत 16 दिनों से म.प्र भोपाल के शॉहजहानी पार्क मे अतिथि शिक्षक, अतिथि विद्वानों के साथ धरने पर बैठे है। भाजपा के वरिष्‍ठ नेता व पूर्व मंत्री नरोत्‍तम मिश्रा जी ने धरना स्‍थल पर जाकर प्रदेश के अतिथिशिक्षकों एवं अतिथिविद्वानों से मुलाकात की व सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया व इन संगठनों की मांगो का समर्थन किया किंतु प्रदेश सरकार ने अब तक इस विषय पर कोई भी संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी है। 

वहीं दूसरी ओर पीईबी परीक्षा पास अतिथि शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र बनाने का काम चल रहा है। इसमें भी विसंगति है। सत्र 2006-07 मे कार्यरत अतिथि शिक्षकों के आफलाइन अनुभव प्रमाण पत्र आनलाइन करने का आप्‍शन ही पोर्टल मे उपलब्‍ध नहीं है। जिससे अतिथि शिक्षकों को 1 वर्ष की अनुभव पात्रता संबंधी हानि होगी। जिस पर शिक्षा विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारियों एवं शिक्षामंत्री जी को ध्‍यान देना चाहिए। इससे कई अतिथि शिक्षक जिन्‍होने सत्र 2006-07 मे सेवा दी थी उनको अनुभव संबंधी हानि न हो पाए। क्‍योंकि अतिथिशिक्षकों के आरक्षण मे तीन सत्र व 200 दिन सेवा संबंधी प्रावधान किया गया। जिससे कई अतिथिशिक्षक तीन सत्र पूरे नहीं कर पायेंगे। यदि इस वर्ष का अनुभव प्रमाण पत्र नहीं बनता है तब वे आरक्षण के लिए अपात्र हो जाएगे। 

प्रदेश सरकार ने पिछले कई माह से अतिथिशिक्षकों को इन प्रमाण पत्र बनबाने मे उलझाए रखा है व बार बार किसी न किसी विसंगति के कारण अतिथिशिक्षक विधालयों एवं संकुलों के चक्‍कर लगा लगाकर परेशान हो रहें है जिससे समय एवं धन की हानि उनको हो रही है तो वहीं दूसरी ओर 90 दिन मे नियमितिकरण का वचन देने वाले कमलनाथ जी एवं जिम्‍मेदारी लेने वाले दिग्‍विजय सिंह जी भी भयंकर सर्दी व खराब मौसम के बीच खुले आसमान के नीचे बैठे अतिथिशिक्षकों का दर्द नहीं देख पा रहे है जिन्‍हें सरकार द्वारा 1 वर्ष बीतने पर भी नियमित नहीं हो पाने के कारण आंदोलन करने पर विवश होना पड़ा।

सादर धन्‍यवाद
आशीष कुमार बिरथरिया
उदयपुरा जिला रायसेन म.प्र