महिला शिक्षक को मुंह बांधकर घसीटते हुए ले गए थे, फिर गैंगरेप किया | MP NEWS
       
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महिला शिक्षक को मुंह बांधकर घसीटते हुए ले गए थे, फिर गैंगरेप किया | MP NEWS

भोपाल। महिलाओं के प्रति यौन अपराध के मामले में मध्यप्रदेश भी कम नहीं है। पुलिस की लचर कार्रवाई के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में चार अपराधियों ने एक महिला शिक्षक को बीच रास्ते से बंधक बनाया। उसका मुंह बांधकर घसीटते हुए खेत में ले गए और फिर गैंगरेप किया। राजधानी भोपाल में इस घटना के खिलाफ आरोपियों को फांसी की मांग करते हुए श्री राजपूत करणी सेना एवं संस्कृति बचाओ मंच में प्रदर्शन किया है।

महिला शिक्षक का मुंह बांधकर खेत में घसीटते हुए ले गए

महिला शिक्षक निजी स्कूल में पढ़ाती है। रोजाना की तरह शाम 6 बजे वह स्कूल से घर वापस जा रही थी। रास्ते में सड़क के किनारे बैठे चार अपराधियों ने उसकाे रोक लिया और कपड़े से मुंह बंदकर नहर के किनारे स्थित खेत में घसीटकर ले गए, जहां सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

महिला शिक्षक से सामूहिक बलात्कार के सभी आरोपी गिरफ्तार

दरिंदों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। शिक्षिका के परिजनों ने घटना की रिपोर्ट गुरुवार रात 8 बजे पिपराव चौकी में दर्ज कराई। एसपी बेलवंशी ने मामले की जांच करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी रामपुर नैकिन अशोक पांडेय और पिपराव चौकी प्रभारी शेषमणि मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपित बच्चू लोनिया, वीरू लोनिया, नरेंद्र लोनिया और शिवशंकर लोनिया को रात में ही उनके घरों में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को रीवा रेंज के डीआईजी भी मौके पर पहुंच गए। 

भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच और करणी सेना ने विरोध प्रदर्शन किया

सीधी में प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका के साथ हुई बलात्कार की घटना के विरोध में संस्कृति बचाओ मंच और करणी सेना के संयुक्त तत्वाधान में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के समर्थन में व्यापमं चौराहे से लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि अब बलात्कारियों को सीधे दंड देने का समय आ गया है क्योंकि हमारे यहां के लचीले कानून के कारण यह लोग निर्दोष छूट जाते हैं। दुष्कर्मियों का एनकाउंटर करके सजा मिलनी चाहिए या फांसी देकर अब अगर इस प्रकार के निर्णय नहीं हुए तो जनता अपने हाथ में लेने के लिए मजबूर होगी।