कंप्यूटर बाबा आए खनिज अधिकारी से मिलकर चले गए, लोग नदी किनारे इंतजार करते रहे | MP NEWS
       
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कंप्यूटर बाबा आए खनिज अधिकारी से मिलकर चले गए, लोग नदी किनारे इंतजार करते रहे | MP NEWS

रामबिहारी पाण्डेय/सीधी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिये कई अनुष्ठान करने बाले संत कम्प्यूटर बाबा को सरकार ने नदियों के संरक्षण के लिए नियुक्त किया है। उन्हें नर्मदा नदी न्यास का चेयरमैन बनाया गया है। इसी के चलते बुधवार को कंप्यूटर बाबा सीधी जिला मुख्यालय आए लेकिन यहां नदी के हालात देखने के बजाय खनिज अधिकारी से मिले और वापस चले गए। जब तक लोगों को कंप्यूटर बाबा के आने की सूचना मिली तब तक वह सीधी जिले की सीमा से बाहर जा चुके थे। लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि यदि उन्हें नदी के हालात देखना ही नहीं थे तो फिर सीधी क्यों है। खनिज अधिकारी से मिलकर लौट जाने का कारण क्या हो सकता है।

बता दें कि जबसे प्रशासन ने कंप्यूटर बाबा के आने की सूचना जारी की है तब से सीधी जिले के कई जागरूक नागरिक उनसे मिलने की तैयारियां कर रहे थे। सीधी जिले की प्रमुख नदियों मे सोन, गोपद, व बनास नदी के अलावा महान नदी (जहां सोन घड़ियाल पल रहे है) के बारे में लोक विस्तार से चर्चा करना चाहते थे। उन्हें उम्मीद थी कि कंप्यूटर बाबा नदियों के संरक्षण के लिए आवाज उठाएंगे और वह सरकार तक पहुंचेगी। कंप्यूटर बाबा की मदद से नदियों को बचाया जा सकेगा। खुलेआम अवैध उत्खनन हो रहा है, शायद यह कुछ कम हो पाएगा। 

सरकारी प्रेस नोट में कंप्यूटर बाबा ज्ञान बांटते नजर आए 

जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कंप्यूटर बाबा अपने ज्ञान का वितरण करते नजर आए। जिला प्रशासन के अनुसार कंप्यूटर बाबा ने कहा है कि नदियों का संरक्षण एवं संवर्धन सब की नैतिक जिम्मेदारी है। नदियां पुनः तीव्रगति से प्रवाहमान हों इसके लिये नदियों के किनारे विशाल संख्या में वृक्षारोपण किया जाये। पौधों को सुरक्षित एवं संरक्षित किया जाए। नदी न्यास अध्यक्ष कम्प्यूटर बाबा ने निर्देशित किया कि नदियों से रेत का अवैध खनन न होने पाये तथा किसी भी दशा में रेत माफिया सक्रिय न होने पाये। उन्होंने रेत के अवैध उत्खनन के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि अवैध उत्खनन की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800120106106 पर दी जा सकती है।