भारत में जीवन रक्षक दवाइयां महंगी, 88% तक दाम बढ़े | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। भारत देश में दालें, आलू और प्याज के बाद जीवन के लिए जरूरी जीवन रक्षक दवाएं भी महंगी कर दी गई है। केंद्र सरकार ने दवाइयों की कीमत में 50% की बढ़ोतरी मंजूर कर दी है। इन दवाइयों में एंटीबॉयोटिक, एंटी अलर्जिक, एंटी मलेरिया ड्रग्स, बीसीजी वैक्सीन और विटामिन सी की दवाइयां शामिल है। 

सरकार ने किया संशोधन

केंद्र सरकार के आधीन संस्था एनपीपीए ने ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर 2013 के पैराग्रॉफ 19 के आदेश में संशोधन करते हुए कीमतों में बढ़ोतरी की मंजूरी दी है। पहले इस नियम का इस्तेमाल केवल दवाइयों की कीमतों में कमी करने के लिए किया जाता था। 

88 फीसदी तक महंगी होंगी दवाएं

फार्मा इंडस्ट्री बीते दो साल से दवाओं के एक्टिव फार्मास्यूटिकल्स इंग्रीडेंट (एपीआई) की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर लॉबिंग कर रही थी। इसमें खासतौर पर वो दवाएं शामिल हैं जिनको चीन से आयात किया जाता है। सरकार के इस फैसले के बाद उत्पाद के अनुसार एपीआई की कीमत में पांच से 88 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो जाएगी। एपीआई प्राइस में 40 से 80 फीसदी फॉर्मूलेशन कॉस्ट शामिल होती है। जैसे पैरासिटामोल में अंतिम उत्पाद की कुल वैल्यू का 80 फीसदी एपीआई कॉस्ट होता है।

ऐसे में बीसीजी वैक्सीन, पेंसिलीन, मलेरिया, लैप्रोसी, हार्ट फेल्योर के कारण फ्लूड बिल्ड अप में इस्तेमाल होने वाली दवाएं, लीवर स्केयरिंग, किडनी संबंधी बीमारियों वाली, विटामिन-सी, एंटीबायोटिक और एंटी एलर्जी दवाओं की कीमत में बढ़ोतरी होगी।