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दिल्ली अग्निकांड: 43 शव मिले, 50 घायल अस्पताल में, रेस्क्यू जारी | DELHI HINDI NEWS

नई दिल्ली। रविवार सुबह 5:22 बजे रानी झांसी रोड पर स्थित अनाज मंडी एरिया के एक घर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आप चारों तरफ फैल गई। करीब 30 फायर टेंडरों को घटनास्थल पर भेजा गया। समाचार लिखे जाने तक रेस्क्यू ऑपरेशन  जारी था। अब तक 43 शव मिल चुके थे जबकि 50 से ज्यादा लोगों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। घायलों का इलाज लोक नायक अस्पताल में चल रहा है। 

अग्निकांड के कारणों का पता नहीं, पीड़ितों को मुआवजे का ऐलान 

दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि आग लगने का सही कारण क्या था। दिल्ली सरकार की ओर से हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी जबकि घायलों को 1-1 लाख रुपए की मदद की जाएगी। 

केंद्र, बिहार और भाजपा ने भी सहायता का ऐलान किया 

दिल्ली सरकार के अलावा केंद्र सरकार, बिहार राज्य सरकार एवं भारतीय जनता पार्टी ने हादसे का शिकार हुए लोगों को सहायता का ऐलान किया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही गंभीर रूप से घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की गई है। बीजेपी ने भी 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य से ताल्लुक रखने वाले पीड़ितों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की वित्तीय मदद देने के लिए कहा है। 

बहुत ही संकरी गलियां इसलिए ज्यादा मौतें हुई

दिल्ली के अनाज मंडी इलाके की एक इमारत में स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह भीषण आग लगने से कम से 43 लोगों की मौत हो गई है। जिस इलाके में यह घटना हुई है वह पुरानी दिल्ली का इलाका है जहां बहुत ही संकरी गलियां हैं और मकान भी आपस में जुड़े रहते हैं। अब खबर यह भी सामने आ रही है कि इस इलाके में जिन भी लोगों की अवैध फैक्ट्रियां होंगी उनके खिलाफ जांच की जाएगी। 

फैक्ट्री मालिक रेहान फरार, मामला दर्ज

दिल्ली के अनाज मंडी इलाके में रविवार को हुए भीषण अग्निकांड में 43 लोगों की जान चली गई। राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। जिस इमारत में आग लगी थी उसके मालिक रेहान पर आईपीसी की धारा 304 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। बिल्डिंग का मालिक फिलहाल फरार है। रेहान की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि धारा 304 का इस्तेमाल गैरइरादतन हत्या के लिए किया जाता है। दोषी साबित होने पर 10 वर्ष की जेल या आजीवन कारावास और आर्थिक दंड का प्रावधान है।