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TI ने रिश्वत मांगी, होम गार्ड जवान ने सौदा तय किया, सिपाही ने पैसे लिये, रंगे हाथों गिरफ्तार | INDORE NEWS

इंदौर। लोकायुक्त (Lokayukta) की टीम ने मंगलवार शाम सिमरोल थाना परिसर में सिपाही वीजेंद्र धाकड़ (Police Constable Vijendra Dhakad) को 13 हजार की रिश्वत (Bribe) लेते पकड़ा। रेत से भरा ट्रक (Sand truck) जब्त होने के बाद पुलिस ने छोडने के लिए रिश्वत मांगी थी। सौदा होम गार्ड जवान दीपक पटेल (Home Guard Jawan Deepak Patel) से तय हुआ, उसकी अनुपस्थिति में ट्रक मालिक टीआई राकेशकुमार नैन (TI Rakeshkumar Nain) के पास गया तो उन्होंने रिश्वत की राशि सिपाही वीजेंद्र को देने के लिए कहा और पैसे लेते ही लोकायुक्त टीम ने वीजेंद्र को पकड़ लिया तो वह रोने लगा और बचाने के लिए कहने लगा।

यह है पूरा मामला 

लोकायुक्त डीएसपी एसएस यादव के मुताबिक, रिश्वत के मामले में सिमरोल थाने के टीआई राकेशकुमार नैन (61), सिपाही वीजेंद्र धाकड़ और होम गार्ड जवान दीपक पटेल को आरोपी बनाया है। पंचमूर्ति नगर में रहने वाले मनोज शर्मा के रेती के ट्रक को सिमरोल पुलिस ने सोमवार रात पकड़ लिया था। मनोज के मुताबिक, उनका ट्रक आईआईटी में खाली होने जा रहा था जिसे पुलिस ने पकड़ लिया। तमाम दस्तावेज, रायल्टी के पेपर होने के बाद भी गाड़ी को जब्त कर लिया। रात में टीआई साहब से बात की तो उन्होंने दीपक व वीजेंद्र से बात करने के लिए कहा। सिपाहियों ने सुबह आने के लिए कहा। सुबह टीआई नैन से बात की तो उन्होंने सिपाहियों के पास भेज दिया। दीपक से बात हुई तो ट्रक छोडऩे के एवज में 15 हजार की मांग की। बाद में सौदा 13 हजार में तय हुआ। मनोज ने इस बीच लोकायुक्त एसपी सव्यसांची सराफ को पुलिस की शिकायत कर दी। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की बात की सारी रिकार्डिंग भी करवा ली।

शाम को जब मनोज शर्मा रिश्वत के 13 हजार रुपए देने के लिए सिमरोल थाने गया तो वहां होमगार्ड जवान दीपक नहीं मिला। इस पर वह थाने में टीआई नैन के पास गया और पैसे देने की बात कहीं तो उन्होंने सिपाही वीजेंद्र धाकड़ को पैसा देने के लिए कहा। थाना परिसर में वीजेंद्र के पैसे लेते ही डीएसपी यादव की टीम ने उसे पकड़ लिया। पकड़ाते ही सिपाही रोने लगा और बचाने की बात कहने लगे। लोकायुक्त टीम उसे लेकर टीआई के केबिन में गई तो टीम को सामने देख टीआई के भी होश उड़ गए। लोकायुक्त टीम ने पेंट में रखी रिश्वत की राशि व पेंट को भी जब्त कर लिया। यादव के मुताबिक, रिश्वत का पैसा टीआई ने सिपाही को देने के लिए कहा था इसलिए उन्हें भी आरोपी बनाया है। टीआई नैन व सिपाही वीरेंद्र को रात में जमानत दे दी गई और अफसरों को कार्रवाई की सूचना दी।