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PACHORE में दिवाली की रात दुकान जली, कारोबारी अंदर था, बाहर से तला लगा था

पचोर-राजगढ़। पचोर शहर के पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में एबी रोड पर स्थित एक कपड़ा व्यवसायी की तीन मंजिला आवासीय दुकान एवं गोदाम में सोमवार रात अज्ञात कारणों से लगी आग में बड़ी मात्रा में दुकान में रखे कपड़े एवं पीछे की ओर गोदाम में रखा बरसाती प्लास्टिक व कोल्ड ड्रिंक्स जलकर नष्ट हो गया। सोमवार तड़के नगर परिषद के कुछ सफाई कर्मियों ने दुकान से धुंआ एवं आग की लपटें उठती देख लोगों को मामले की सूचना दी। हादसे के वक्त दुकान में 65 वर्षीय व्यापारी गिरधारीलाल गोयल (अग्रवाल) पिता दामोदरदास सो रहे थे एवं दुकान के बाहर से ताला लगा होने से वह भी आग में झुलस गए। मौजूद लोगों ने ताला तोड़कर उन्हें दुकान से बाहर निकाला एवं स्थानीय सरकारी अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया।

सूचना के बाद आग पर काबू पाने के लिए पचोर तलेन, बोड़ा, खुजनेर एवं अन्य नजदीकी कस्बों की पांच दमकल वाहनों से करीब 4 घंटे से अधिक समय तक आग बुझाने का प्रयास किया गया। आग इतनी तेज थी कि सोमवार दोपहर तक आग बुझाने में अमले को मशक्कत करना पड़ी। जानकारी के अनुसार पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में व्यापारी गिरधारीलाल की तीन मंजिला दुकान है, जहां ग्राउंड फ्लोर पर सामने की ओर कपड़े की दुकान एवं पीछे गोदाम है, जिसमें बरसाती प्लास्टिक एवं कोल्डि ड्रिंक्स का भंडारण किया गया था। वहीं ऊपरी मंजिल पर व्यापारी का परिवार रहता हैं। रविवार शाम दुकान में दीपावली पर्व पर पूजन की गई थी। दुकान में फर्नीचर का काम भी चल रहा है। ऐसे में परिवार अपने चाचा के घर सोने के लिए चला गया था। सूत्रों ने बताया कि दुकान में अखंड ज्योत जलाई गई थी, इस वजह से व्यापारी गिरधारी दुकान में ही सो रहे थे एवं सुरक्षा की दृष्टि से परिजनों ने दुकान के बाहर से ताला लगा दिया था।

पांच दमकल वाहनों ने 4 घंटे तक की मशक्कत

सूचना के बाद आग बुझाने के लिए मौके पर पचोर सहित नजदीकी कस्बों के पांच दमकल वाहनों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सोमवार दोपहर तक तीन मंजिला इमारत से धुआं उठता रहा। लोगों ने भी आग बुझाने में काफी मशक्कत की। दोपहर बाद आग पर काबू पा लिया गया। बताया जा रहा है कि इस हादसे में व्यापारी को आर्थिक नुकसान हुआ है। कपड़े, कोल्ड ड्रिंग्स, स्कूटर एवं अन्य सामान जलने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने मौका मुआयना कर आगजनी का पंचनामा बनाया है। आग लगने का वास्तविक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है।

शटर का ताला तोड़कर घायल अवस्था में व्यापारी को निकाला

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी नगर परिषद के सफाई कर्मचारी गोपाल ने नवदुनिया को बताया कि सुबह करीब 5 बजे वह सफाई करने इस क्षेत्र में पहुंचे तो दुकान से धुआं उठता देख दुकान के समीप गए, जहां दुकान के अंदर से किसी के चिल्लाने की आवाज आ रही थी। मामले को भांपकर बिना देर किए लोगों को बुलाया एवं ताला तोड़कर घायल अवस्था में व्यापारी गिरधारीलाल को दुकान से बाहर निकाला एवं अस्पताल ले जाया गया। दुकान का शटर खोलने के बाद आग ने रोद्र रूप ले लिया एवं आग की लपटें ऊंचाई तक उठने लगी। नगर परिषद ने आग पर काबू पाने के बाद मलबे को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

तीन मंजिला इमारत में नहीं थी लिफ्ट

भयंकर आग के कारण तीन मंजिला इमारत भी अनुपयोगी हो गई। छत से लेकर बीम कॉलम के सरिए कमजोर हो गए हैं। सोमवार दोपहर के बाद भी इमारत के अंदर जाने में काफी दिक्कतें आ रही थी। भवन में सुरक्षा के लिहाज से कोई लिफ्ट एवं बचाव दल के जाने के लिए रास्ते नहीं थे। ऐसे में बचाव कार्य में थोड़ी देर हो गई। हादसे के बाद स्थानीय रहवासियों ने बचाव कार्य में अच्छा सहयोग किया है, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। वरना समीप में ही एक पेट्रोल पंप स्थित है। आसपास भी बने मकानों में आग की लपटें नुकसानदायक हो सकती थी। सोमवार दोपहर एसडीएम एसएल सोलंकी एवं नायब तहसीलदार प्रियंका बाघेला ने राजस्व टीम के साथ मौका मुआयना किया। एसडीएम सांलकी के अनुसार हादसे के वक्त व्यापारी गिरधारी ऊपरी मंजिल पर सो रहे थे।

प्रकरण तैयार करने को कहा...

''मैंने मौका मुआयना किया है। 20 बाई 80 फीट में बने तीन मंजिला मकान सहित बड़ा नुकसान होने का अनुमान है। भवन में सुरक्षा के लिहाज से कोई लिफ्ट एवं बचाव दल के जाने के लिए रास्ते नहीं थे। ऐसे में बचाव कार्य में थोड़ी देर हो गई। हादसे के वक्त व्यापारी गिरधारी ऊपर वाली मंजिल पर सो रहा था। लोगों ने बचाव कार्य में अच्छा कार्य किया हैं, वरना सामने ही पेट्रोल पंप हैं, आसपास मकान बने हैं। ऐसे में बड़ा नुकसान हो सकता था। मैंने तहसीलदार को प्रकरण तैयार करने को कहा है।,,
-एसएल सोलंकी, एसडीएम सारंगपुर।