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मप्र खेल घोटाले की फाइलें गायब, संचालनालय संदेह की जद में | MP NEWS

भोपाल। मप्र खेल एवं युवा कल्याण विभाग में करीब 9 साल पहले हुए घोटाले की फाइलें गायब हो गईं हैं। ये न तो संचालनालय में हैं और न मंत्रालय में। यह खुलासा घोटाले की जांच कर रही विधानसभा की समिति की दो बैठक के दौरान हुआ, जहां विभाग के अधिकारी मूल दस्तावेजों की जगह छायाप्रति लेकर पहुंचे। इस पर विधानसभा की समिति ने खेल विभाग के अधिकारियों को दस्तावेज तलाशकर सूचित करने के आदेश दिए हैं। 

ज्ञात हो कि इसके कारण समिति की अगली बैठक की तारीख तय नहीं हो पा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के 2010-11 व 2011-12 में हुई विभिन्न् खरीदी और उसमें हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच विधानसभा की समिति द्वारा की जा रही है।

विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति की अध्यक्षता में बनी इस समिति में विभाग के मंत्री जीतू पटवारी के साथ सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव हैं। विस समिति की दो बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन दोनों ही बैठकों में विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रकरण से जुड़े मूल दस्तावेज समिति के सामने पेश नहीं किए गए हैं।

सूत्र बताते हैं कि संचालनालय के अधिकारियों द्वारा ये फाइलें मंत्रालय भेजने का दावा किया जा रहा है। वहीं, मंत्रालय के अधिकारी फाइल मिलने से इनकार कर रहे हैं। संचालनालय के अधिकारी फाइलों को भेजने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन फाइलों को मंत्रालय में किसे व कहां सौंपा, इसकी प्राप्ति उनके पास नहीं है।

इस तरह घोटाले से संबंधित फाइलें न तो मंत्रालय में मिल रही हैं और न संचालनालय में उनका पता चल रहा है। विस समिति ने खेल विभाग के मंत्रालयीन व संचालनालय के अधिकारियों को फाइलों को तुरंत तलाशने के आदेश दिए हैं और मिलने पर सूचना देने के आदेश किए हैं।

क्या है मामला

विधानसभा के पावस सत्र में भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की अनियमितताओं का मामला उठाया था। विस में अध्यक्ष ने मसूद को नियम 52 की चर्चा में घोटाला उठाने की व्यवस्था दी थी, जिसमें उन्होंने पटल पर घोटाले संबंधी करीब 60 दस्तावेजों को रखा था।

इसमें 2010-11 व 2011-12 में खिलाड़ियों के होस्टल में पलंग, टेबल कुर्सी, अलमारी, सीलिंग की खरीदी के साथ खिलाड़ियों की किट और घोड़ों की खरीदी के दस्तावेज शामिल थे। बताया जाता है कि करीब 10 करोड़ रुपए के घोटाले के इन दस्तावेजों को आरटीआई में हासिल किया गया था, जिनकी अब मूल फाइल ही नहीं मिल रही है।

मूल दस्तावेज लाने को कहा

खेल एवं युवा कल्याण विभाग में खरीदी में हुई अनियमितता की जांच कर रही विस समिति के सामने अब तक मूल दस्तावेज नहीं दिखाए गए हैं। विभाग को मूल दस्तावेज के साथ आने के निर्देश दिए हैं।
- एपी सिंह, प्रमुख सचिव, मप्र विधानसभा