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हाईप्रोफाइल हनी ट्रैप: गिरफ्तार हुईं लड़कियों के नाम और साजिश की कहानी | MP NEWS

भोपाल। एसएसपी रचि वर्धन मिश्र के अनुसार, पुलिस ने आरती (29) पंकज दयाल निवासी मिनाल रेसीडेंसी भोपाल, मोनिका (18) लाल यादव निवासी सवस्या नरसिंहगढ़, श्वेता (39) पति विजय जैन निवासी मिनाल रेसिडेंसी भोपाल, श्वेता(48) पति स्वप्निल जैन निवासी रेवेरा टाउनशिप भोपाल, बरखा (34) पति अमित सोनी भटनागर निवासी कोटरा सुल्तानाबाद भोपाल और ओमप्रकाश पिता रामहर्ष कोरी निवासी आदमपुर छावनी भोपाल है। 

मास्टर माइंड सागर की श्वेता जैन

एसएसपी ने बताया कि ये सभी मिलकर गुलमर्ग वैली गुलमोहर कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय हरभजनसिंह पिता स्व. सरदार बख्तावर सिंह से तीन करोड़ की मांग कर ब्लैकमेल कर रही थी। गिरोह की मास्टर माइंड मूलत: सागर की रहने वाली श्वेता जैन है। उसका भोपाल में कारखाना है और पति प्रॉपर्टी ब्रोकर है। श्वेता एनजीओ भी चलाती है। इसी कारण उसकी अधिकारियों और नेताओं से भी नजदीकी है।

एक बार विदेश भी भाग गई थी

सूत्रों के अनुसार श्वेता ने एक विवादित पूर्व मंत्री और तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी जाल में फंसा लिया था। एक आईएएस का वीडियो वायरल हो गया, जबकि दो ने मामला दबा दिया। हनीट्रैप में फंसे आईएएस फिलहाल बड़े पदों पर हैं। बताया जाता है कि श्वेता ने भोपाल की बड़ी होटल में बैठक की और 20 करोड़ रुपये की मांग की। मंत्री ने रुपये देने से इनकार कर दिया और कानूनी दबाव बनाया तो वह पति के साथ विदेश भाग गई।

होटल में इस तरह बनाया आपत्तिजनक वीडियो

एसपी (पूर्वी) मो. युसूफ कुरैशी के अनुसार इंजीनियर हरभजन सिंह के साथ आरोपित आरती दयाल ने विजयनगर क्षेत्र की होटल इनफिनिटी में आपत्तिजनक वीडियो बनाया था। श्वेता ने साजिश के तहत आरती और हरभजन सिंह को मिलवाया और दोनों ने एक-दूसरे के नंबर ले लिए। दोनों एक-दूसरे से वाट्सएप चैटिंग करने लगे। दोनों ने मिलना तय किया और आरती दो घंटे पहले ही होटल पहुंच गई और बिना सिम वाला मोबाइल वीडियो रिकॉर्डिग चालू कर छुपा दिया। कुछ दिनों बाद आरती ने वाट्सएप पर वीडियो भेजा और 3 करोड़ रुपये मांगे। उसने वीडियो तुरंत डिलीट भी कर दिया और वाट्सएप कॉल कर कहा कि यह वायरल भी हो सकता है।

आरती ने बताया: श्वेता जैन और बरखा सोनी भी साजिश में शामिल

हरभजन और आरती की भोपाल में बैठक हुई। हरभजन ने वसूली की रकम कम करने को कहा। मंगलवार को उसने आरती को 50 लाख रुपये की पहली किस्त लेने के लिए इंदौर बुलाया और पुलिस को खबर कर दी। आरती गिरोह की सदस्य मोनिका और ड्राइवर ओमप्रकाश के साथ जैसे ही सत्यसाई चौराहे पर पहुंची, क्राइम ब्रांच ने कार (एमपी 16 सीबी 4441) सहित उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरती ने बताया कि पर्दे के पीछे श्वेता जैन और बरखा सोनी का हाथ है। बुधवार को एटीएस ने तीनों महिलाओं को पकड़ कर क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दिया।

आरती दयाल: 

करीब एक साल से सागर लैंडमार्क मिनाल रेसीडेंसी में रह रही है। उसने एक क्रेटा गाड़ी अपने नाम रजिस्टर्ड कराई है। आरती ने 8 माह पहले पति पंकज के खिलाफ छतरपुर के सिविल लाइन थाना में दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। कथित तौर पर बताया जा रहा है कि आरती छतरपुर में भी करीब दस लोगों को ब्लैकमेल कर चुकी है।

श्वेता विजय जैन: 

सागर की रहने वाली है। भोपाल में न्यू मीनाल में रहती है। 2015 में इलेक्ट्रिकल एंड थर्मल इंसुलेशन प्रोडेक्ट की कंपनी शुरू की थी। पुलिस ने घर से 14.17 लाख नगद बरामद किए हैं। इसने सेकंड हैंड मर्सिडीज (एमपी 04 सीएक्स 0072) इसी साल जून में खरीदी थी। इसके पास एक ऑडी भी है।

श्वेता स्वप्निल जैन: 

मूलत: जयपुर निवासी श्वेता यहां रिवेयरा में रहती हैं। उसके पति को पब पार्टियों में देखा जाता रहा है। दोस्तों को ठग चुके हैं। श्वेता के घर के पास ऑडी भी खड़ी मिली।

बरखा सोनी भटनागर: 

अमित सोनी से दूसरी शादी की। अमित एनजीओ चलाते हैं। एग्रीकल्चर से संबंधित प्रोजेक्ट पर काम करते हैैं। बरखा देह के व्यापार में वर्ष 2014 से लिप्त थी। इसके बाद सागर की श्वेता जैन से जुड़ी। बरखा के पास कार और ऐशोआराम की तमाम चीजें हैं।

मोनिका यादव: 

राजगढ़ निवासी। बीएससी की पढ़ाई कर रही है। उम्र 18 वर्ष से थोड़ी अधिक है। आईएएस और कुछ नेताओं के पास आना-जाना था। ये मोबाइल फोन पर मीठी बातों और मैसेज से अफसरों को फंसाने में सक्रिय है। आरती ने इसे जोड़ा था।