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रेत की राजनीति: होशंगाबाद कलेक्टर हटाए जा सकते हैं, CS का इंतजार

भोपाल। होशंगाबाद में हुए रेत कांड के बाद सीएम कमलनाथ नाराज हैं। एसडीएम को कार्रवाई से रोकने के आरोपी होशंगाबाद कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने इस मामले में अपने समर्थन में होशंगाबाद बिल्डर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों को भोपाल भेजा था। सूत्रों का कहना है कि केवल मुख्य सचिव का इंतजार है। उनकी सहमति मिलते ही आदेश जारी हो जाएंगे। 

एसडीएम रवीश श्रीवास्तव को हटाने के​ लिए लॉबिंग की गई थी

करीब तीन दिन पहले रेत के अवैध कारोबार को पकड़ने वाले एसडीएम रवीश श्रीवास्तव को हटाने के लिए लॉबिंग की गई थी। लड़ाई प्रशासनिक अधिकारियों के बीच थी परंतु होशंगाबाद बिल्डर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी इसमें कूद पड़े। भोपाल आकर मुख्यमंत्री से मिले। मुख्यमंत्री ने दो टूक कह दिया कि मुझे सारी गड़बड़ी पता है। एक दो दिन इंतजार कीजिए, निर्णय हो जाएगा। 

सीएस के लाैटने पर फैसला : 

कमिश्नर रवींद्र कुमार मिश्रा की जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव एसआर मोहंती और सामान्य प्रशासन विभाग की प्रमुख सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी के पास पहुंच चुकी है। जांच में अफसरों की गलती सामने आई है। सीएस के दिल्ली से लौटने पर कार्रवाई पर फैसला होगा।

मंत्री बोले- कार्रवाई जरूर होगी

पर्यावरण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा, ई-पोर्टल बंद होना था। किन जिलों ने इसका उल्लंघन किया है, इसकी 3 दिन में रिपोर्ट मांगी है, ताकि प्रकरण दर्ज कराया जाए। वहीं खनिज मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कहा कि होशंगाबाद कलेक्टर ने बिना पीसीबी की मंजूरी के ईटीपी जारी की है तो निश्चित कार्रवाई होगी। 

मामला क्या है

12 सितम्बर की शाम को खनिज विभाग का पोर्टल बंद कर दिया गया था परंतु कुलामड़ी रेत स्टाॅक के लिए खनिज पाेर्टल गुरुवार रात तक चालू था। वहां 50 डंपर खड़े हुए थे। एसडीएम रवीश श्रीवास्तव को इसकी जानकारी मिली तो वो कार्रवाई करने पहुंच गए। उन्होंने खनिज अधिकारी और कार्रवाई के लिए जरूरी टीम को बुलाया। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को जैसे ही इसका पता चला उन्होंने एसडीएम को रात 12 बजे अपने आवास पर बुला लिया और रात 3:30 बजे यानी तब तक घर पर उलझाए रखा जब तक कि मौके से डंपर रवाना नहीं हो गए।