SPS की चलती वैन में लगी आग, ASP की सतर्कता से 18 मासूम बच्चों की जान बची | BHOPAL NEWS

भोपाल। गैस किट लगाकर फर्राटा भर रही 19 साल पुरानी कंडम स्कूल वैन (School van) में मंगलवार दोपहर आग लग गई। वैन में आग (Fire in the van) फैलती इससे पहले उसमें सवार स्कूली बच्चे चीखने-चिल्लाने लगे। इसी बीच वैन के पीछे चल रहे एएसपी ट्रैफिक प्रदीप सिंह चौहान (ASP Traffic Pradeep Singh Chauhan) ने चालक को इशारा कर वैन रुकवाई। उन्होंने तुरंत ही वैन से बच्चों को बाहर निकाला। बच्चे डरे-सहमे हुए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वैन करीब 19 साल पुरानी है। चलती वैन में शॉर्ट सर्किट (short circuit) हुआ था, जिसकी वजह से इंजन के नीचे से धुआं उठने लगा। घटना के दौरान वैन में सागर पब्लिक स्कूल (Sagar Public School) के 18 छात्र सवार थे। पुलिस ने वैन को जब्त कर लिया है। उसमें गैस किट लगी हुई मिली है। आरटीओ की वेबसाइट में वैन ऐशबाग निवासी सीपी धाकड़ (C.P. Dhakad) के नाम से रजिस्टर्ड है।

ASP ट्रैफिक प्रदीप सिंह चौहान ने बताया 

दोपहर करीब डेढ़ बजे कलेक्ट्रेट की तरफ जा रहा था। मेरे वाहन के आगे स्कूल वैन (एमपी15-ए1997) चल रही थी। इसी बीच वैन में सवार बच्चे आग-आग चिल्लाने लगे। चालक को इशारा कर वैन रुकवाई। कई बच्चे वैन के अंदर रोते मिले। मेरे स्टाफ ने राहगीरों की मदद से बच्चों को वैन से बाहर निकाला। इसके बाद चालक ने वैन में सुलग रही आग को बुझाई। गियर बाक्स के पास शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। इसलिए चालक को शार्ट सर्किट की भनक नहीं लगी। जबकि आग की दुर्गन्ध से बच्चों को आग लगने का अहसास हो गया था। वैन को थाने पहुंचाय दिया है। 

कार्ड में परिजनों के नंबर देख बुलाया

घटना के बाद चालक दूसरे वाहन से बच्चों को भेज रहा था। लेकिन ट्रैफिक एएसपी ने चालक को बच्चे लेकर जाने से रोक दिया। ट्रैफिक एएसपी ने सभी बच्चों के आईडेंटिटी कार्ड में उनके परिजनों का मोबाइल नंबर देख उन्हें घटना के बारे में बताया। आधे घंटे के अंदर सभी बच्चों के परिजन बारी-बारी से मौके पर आए। ट्रैफिक एएसपी ने परिजनों को समझाइश दी कि इस तरह के कंडम वाहनों से बच्चों को नहीं भेजें। 

अध्यक्ष को लापरवाही के दिखाए वीडियो 

पुलिस ने घटना के बाद वैन संचालक संघ के अध्यक्ष एसके सोनी समेत अन्य सदस्यों को तलब किया। ट्रैफिक एएसपी प्रदीप चौहान ने वैन चालकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही का वीडियो दिखाया। वीडियो में ओवरलोडिंग, गैस किट आदि लापरवाही थीं।