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LIFE CARE HOSPITAL में बुखार पीड़ित पूजा तोमर को भर्ती कराया था, मौत, हंगामा | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। वायरल से पीडि़त एक बीस वर्षीय छात्रा की एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार सुबह मौत हो गई। युवती की मौत पर परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल के गेट पर डैडबॉडी रखकर एक घंटे तक हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलते ही थाना थाटीपुर टीआई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और हंगामा कर रहे परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों का कहना था कि जब तक दोषी डॉक्टर के खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करेगी तब तक वे अस्पताल से डैडबॉडी नहीं ले जाएंगे। एक घंटे बाद परिजन मृतका के शव को लेकर थाटीपुर थाने पहुंच गए। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है। 

मिली जानकारी के अनुसार चार शहर का नाका स्थित यादव धर्मकांटा के पास स्थित पीतांबरा कॉलोनी में रहने वाली बीस वर्षीय पूजा तोमर पुत्री अनिल सिंह तोमर बीए प्रथम वर्ष में पढ़ रही है। दो दिन पहले पूजा को बुखार आने पर परिजनों ने यादव धर्मकांटा के पास क्लीनिक संचालित करने वाले डॉ.संदीप प्रधान के यहां भर्ती कराया था। डॉ.प्रधान ने पूजा को दवा के साथ ड्रिप चढ़ाई थी लेकिन पूजा की हालत और बिगड़ती देख परिजन उसे उपचार के लिए थाटीपुर चौहान प्याऊ के पास स्थित डॉ.अतुल श्रीवास्तव के लाइफ केयर हॉस्पीटल में उनके यहां इलाज के लिए भर्ती कराया। 

पूजा की हालत में सुधार देख इलाज कर रहे डॉ.श्रीवास्तव ने शाम के डिस्चार्ज करने की बात परिजनों से कही थी लेकिन शाम को आई जांच रिपोर्ट में पूजा की प्लेटलेट कम होने पर डॉक्टर ने मंगलवार को डिस्चार्ज करने की बात पुन: परिजनों से कही। लेकिन मंगलवार की सुबह पूजा ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पूजा की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मृतका के शव को अस्पताल के गेट पर रखकर हंगामा शुरु कर दियाऔर डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की बात पर अड़ गए। 

पूजा के पिता अनिल सिंह तोमर ने बताया कि पूजा को रविवार की रात भर्ती कराया था, भर्ती करते समय ही इलाज के लिए हॉस्पीटल में बीस हजार रुपए जमा किए थे, और दो जांच के लिए तीन हजार रुपए भी जमा कराए थे। वहीं हॉस्पीटल संचालक डॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि परिजनों ने एक रुपया भी जमा नहीं कराया है। पिता द्वारा बीस हजार रुपए जमा कराने की बात बिल्कुल गलत है। 

पूजा की मौत के बाद उसका शव लेकर परिजन डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाने के लिए थाटीपुर थाना पहुंच गए। परिजनोंं व उनके नाते रिश्तेदारों ने शव को दो घंटे तक थाना परिसर में शव रखकर कहाकि जब तक एफ आईआर दर्ज नहीं होगी जबतक डैडबॉडी नहीं ले जाएंगे।