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DRDE लैब को सिटी सेंटर क्षेत्र में शिफ्ट करने हेतु शीघ्र नोटिफिकेशन जारी किया जाए- चेम्बर | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। डीआरडीई लैब को सिटी सेंटर क्षेत्र में प्रस्तावित स्थान पर शिफ्ट करने हेतु फ्री ऑफ कॉस्ट भूमि आवंटन कर, शीघ्र नोटिफिकेशन जारी किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं जिलाधीश ग्वालियर को चेम्बर ने पत्र प्रेषित किये हैं। 

चेम्बर अध्यक्ष विजय गोयल, उपाध्यक्ष पारस जैन, मानसेवी सचिव डॉ. प्रवीण अग्रवाल, मानसेवी संयुक्त सचिव ब्रजेश गोयल एवं कोषाध्यक्ष वसंत अग्रवाल द्बारा प्रेस को जारी विज्ञप्ति में अवगत कराया गया है कि म.प्र. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री में जिला प्रशासन के साथ संयुक्त बैठक दिनांक 15 जून,2019 को आयोजित की गई थी, जिसमें चेम्ब्र द्बारा डीआरडीओ को भूमि उपलब्ध कराकर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। आपके द्बारा कहा गया था कि इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय ने स्थानांतरण नहीं किए जाने का आदेश दिया है। इस संबंध में रिव्यू पिटीशन दाखिल कर, प्राप्त निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। 

रिट पिटीशन क्रमांक डब्ल्यू.पी. 7789/2015 एवं रिव्यू पिटीशन 661/2019 एवं 923/2019 के आदेशों को पढने के उपरांत जो प्रथम आदेश है, उस आदेश की अंतिम लाइन में माननीय उच्च न्यायालय ने डीआरडीओ को स्थानांतरित करने के कोई निर्देश नहीं दिये हैं। इसका आशय यह कदापि नहीं है कि माननीय उच्च न्यायालय ने शासन के द्बारा उस लैब को स्थानांतरित करने पर कोई रोक लगाई है। इसके संबंध में विधिक सलाह भी ली जा सकती है। 

पदाधिकारियों ने पत्र में उल्लेख किया है कि डीआरडीई लैब ग्वालियर प्रकरण में एक जनहित याचिका क्र. 7789/2015 में माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर ने मार्च में को लैब की 200 मीटर की परिधि में आने वाली 150 से अधिक शासकीय एवं अशासकीय सभी इमारतों/भवनों को तोडऩे का आदेश दिया था, यहां तक कि रेलवे ओव्हर ब्रिज एवं रेलवे लाइन को भी हटाने/तोडऩे का आदेश दिया है। 

प्रदेश सरकार ने समस्या की मूल जड़ ‘लेबोरेटरी’ को ही शहर के बीचों-बीच सिटी सेंटर से हटाकर शहर के पास महाराजपुरा क्षेत्र में करीब 150 एकड़ जमीन का डीआरडीई ग्वालियर को आवंटन कराने हेतु प्रक्रिया बहुत शीघ्रता के साथ आगे बढाई गई थी। 

इसी बीच मध्यप्रदेश शासन एवं नगर निगम ग्वालियर की ओर से माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में पृथक-पृथक रिव्यू पिटीशन दायर की गयी जिन्हें माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर ने खारिज कर दिया। यदि जमीन आवंटन का नोटिफिकेशन समय रहते न्यायालय में रिव्यू पिटीशन के साथ प्रस्तुत कर दिया गया होता तो रिव्यू पिटीशन के खारिज होने की नौबत नहीं आती। 

चेम्बर पदाधिकारियों ने पत्र के माध्यम से मांग की है कि डीआरडीओ लैब के लिए चिन्हित जमीन जिस हेतु डीआरडीओ द्बारा भी सहमति दी जा चुकी है, को फ्री ऑफ कॉस्ट आवंटन का प्रस्ताव जिला प्रशासन द्बारा राज्य शासन को प्रेषित किया जाए एवं शासन द्बारा इसका गजट नोटिफिकेशन शीघ्र जारी कर, डीआरडीओ/रक्षा मंत्रालय को शीघ्र भिजवाया जाए ताकि कई शासकीय/अशासकीय भवन, रेलवे ओवर ब्रिज के तोड़े जाने की स्थिति में लगभग 10 हजार करोड़ रूपये की राष्ट्रीय एवं निजी संपत्ति का नुकसान होने से बच सके।