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MPWRD के EE सुनील व्यास के यहां लोकायुक्त का छापा

भोपाल। लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सुनील व्यास (SUNIL VYAS) के भोपाल व सीधी स्थित आधा दर्जन ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की। इसमें उनके व परिवार के नाम से पांच करोड़ के तीन मकान, एक किलोग्राम सोने के जेवरात, 13 एकड़ कृषि भूमि, बैंक एफडी, शेयर में निवेश सहित एक फैक्टरी में निवेश के दस्तावेज मिले हैं। छापे में मिले जेवरातों के मूल्यांकन का काम देर शाम तक चला। कुल संपत्ति का मूल्यांकन लोकायुक्त पुलिस द्वारा बुधवार तक किए जाने की संभावना है।

जानकारी के मुताबिक कार्यपालन यंत्री सुनील व्यास सीधी जिले में पदस्थ हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने संपत्ति की प्रारंभिक पड़ताल के बाद मंगलवार को सुबह सीधी और भोपाल के उनके चार ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की। सीधी में उनके ऑफिस व निवास तथा भोपाल में उनके पिता अपेक्स बैंक के रिटायर्ड मैनेजर एमएल व्यास के ई-7 अरेरा कॉलोनी स्थित घर व शाहपुरा थाने के सामने कृष्णा विहार ग्रीन हाईट स्थित एक अन्य मकान पर सबसे पहले कार्रवाई हुई। 

छापे में मिली जानकारी पर तीन ठिकानों पर कार्रवाई

छापे के दौरान लोकायुक्त पुलिस की टीम को जानकारी लगी कि व्यास का अशोक विहार कॉलोनी में भी एक मकान, गेहूंखेड़ा में पांच एकड़ का कृषि फार्म है और फिर शाम को यह जानकारी लगी कि सुनील व्यास के बेटे आदित्य के नाम पर गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में एक फैक्टरी में भी निवेश किया गया है। लोकायुक्त पुलिस की टीम देर शाम तक गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्टरी का पता ही तलाशती रही। इसी तरह गेहूंखेड़ा की कृषि भूमि पर लोकायुक्त टीम नहीं पहुंच सकी, जिसके बारे यह पता लगाया जा रहा है कि वहां कोई मकान या स्ट्रक्चर तो नहीं खड़ा और भूमि पर कोई फसल तो नहीं है। 

एक किलोग्राम के सोने के जेवर

लोकायुक्त पुलिस की भोपाल एसपी इमरीन शाह ने बताया कि भोपाल में लोकायुक्त की टीमों को व्यास के घर से सोने-चांदी के जेवर और चांदी के बर्तन मिले। सोने के जेवर करीब एक किलोग्राम के होने की संभावना है, जिनका मूल्यांकन कराया जा रहा है। साथ ही चार पहिया की दो गाड़ियां, बैंकों की एफडी, लॉकर मिले हैं। नकद राशि के रूप में करीब ढाई लाख रुपए घर में पाए गए हैं।

लोन के दस्तावेज भी व्यास के घर पर मिले हैं। एफडी, एलआईसी और शेयर में करीब पांच लाख का निवेश किए जाने के कागजात लोकायुक्त टीम को मिले हैं। लोकायुक्त पुलिस ने व्यास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1), (बी) व 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।