Loading...

स्टार्टअप के लिए निवेश चाहिए ? तो यह खबर आपके लिए ही है | INVESTMENT FOR STARTUP

भोपाल। दो स्टार्टअप कंपनियों में निवेश के बाद आरपी-संजीव गोयनका समूह (RPSG) की इकाई सीईएससी वेंचर्स (CESC VENTURES) देश के सभी भागों में कई और स्टार्टअप (START-UP) में निवेश (INVETMENT) की संभावना तलाश रही है। सीईएससी मुख्य रूप से FMCG क्षेत्र में संभावनाएं देख रही है। 

यहां अपनी पहली सालाना आम बैठक (AGM) के अवसर पर सीईएससी वेंचर्स के निदेशक शाश्वत गोयनका (SHASHWAT GOENKA DIRECTOR CESC VENTURES) ने कहा, 'हम मुख्य रूप से एफएमसीजी वर्टिकल (FMCG VERTICAL) से 10-20 स्टार्टअप में निवेश की संभावना तलाश रहे हैं। मौजूदा समय में हम एक उद्यम पूंजीपति के तौर पर अपनी हैसियत बनाए रखना चाहते हैं और हमारा इरादा उन कंपनियों के अधिग्रहण का नहीं है जिनमें निवेश कर रहे हैं।'

गोयनका ने कहा कि ऐसे निवेश के लिए मुनाफा एकमात्र मानक नहीं है, वह निवेश के मुख्य मानक के तौर पर बाजार में सफलता के लिए स्टार्टअप के बिजनेस मॉडल के साथ साथ उसकी संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। कंपनी ने पिछले साल नवंबर में सॉलेड स्टोर में निवेश किया था जो अपैरल्स, फोन कवर समेत विभिन्न उत्पादों के डिजाइन एवं प्रिंट आर्टवर्क जैसे कार्यों से जुड़ा हुआ है। 

पिछले महीने इसने एमकैफीन में निवेश किया, जो कैफीन को अपने उत्पादों में प्रमुख घटक के तौर पर इस्तेमाल करती है और ये उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये बेचे जाते हैं। स्टार्टअप कंपनियों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने के अलावा सीईएससी वेंचर्स ने अधिग्रहण पर भी ध्यान दिया है और यह समूह के लिए एफएमसीजी जैसे प्रमुख व्यवसायों को आगे बढ़ा रही है।

इस साल जून में आरपीएसजी समूह की इस कंपनी ने हर्बोलैब इंडिया में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी। डॉ. वैद्य ब्रांड के तहत हर्बोलैब इंडिया आयुर्वेदिक दवाओं और उत्पादों का निर्माण करती है। इससे सीईएससी को बाजार में मौजूद लगभग 60 आयुर्वेदिक उत्पादों तक पहुंच बनाने का मौका मिला है। 

टू यम ब्रांड के तहत स्नैक्स का निर्माण करने वाली गिल्टफ्री इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में एफएमसीजी वर्टिकल ने पिछले वित्त वर्ष में 358.44 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। गोयनका ने अगले 5-7 वर्षों में राजस्व के इस आंकड़े को बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपये पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।