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सांसद प्रज्ञा ठाकुर NIA कोर्ट में सुनवाई के बाद अचानक भड़क उठीं | MP NEWS

भोपाल। महाराष्ट्र से खबर आ रही है कि NIA कोर्ट में पेशी पर गईं सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने पहले तो सुनवाई पूरी होने दी लेकिन जैसे ही सुनवाई खत्म हुई वो जोर जोर से चिल्लाने लगीं। वो आरोप लगा रहीं थीं कि उन्हे जो कुर्सी दी गई है वो बेहद गंदी और छोटी थी। सुनवाई के दौरान प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक खिड़की का सहारा लेकर खड़ी रहीं। 

खिड़की के सहारे खड़ीं रहीं

टीवी न्यूज आजतक की एक रिपोर्ट के अनुसार साध्वी प्रज्ञा कोर्ट में सुनवाई के लिए 2 बजकर 45 मिनट पर कोर्ट में आईं। उन्होंने कोर्ट ने कुर्सी पर बैठने की अनुमति दी लेकिन साध्वी प्रज्ञा ने इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान वे खड़ी रहीं। पूरी सुनवाई के दौरान साध्वी प्रज्ञा एक खिड़की के पास सहारा लेकर खड़ी रहीं और जैसे ही शाम 5 बजकर 15 मिनट पर जज कोर्ट से बाहर निकले वे चीखने लगीं।

बोलीं: सजा हो जाए तो फांसी पर चढ़ा देना, अभी तो बैठने के लिए कुर्सी दो

साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि खराब तबियत होने के बावजूद उन्हें ऐसी कुर्सी पर बैठने के लिए कहा गया जो बहुत छोटी थी। खराब स्वास्थ्य की वजह से वे इस पर बैठ नहीं सकती थीं। इस दौरान साध्वी प्रज्ञा ने चीखते हुए कहा, 'अगर बुलाया है तो कोर्ट में तो बैठने का स्थान तो दें। कम से कम जब तक सजा नहीं होती तब तक तो मुझे बैठने का अधिकार है। जब सजा हो जाये तो फांसी पर चढ़ा दीजिए।'

आरोपियों की बेंच पर लाल कपड़ा बिछाकर बैठीं

मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी और भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा को गुरुवार को ही आदालत में पेश होना था लेकिन वे खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर अदालत में पेश नहीं हुईं। शुक्रवार को जब कोर्ट में साध्वी प्रज्ञा की पेशी हुई तो वे दो लोगों के कंधे पर हाथ रखकर चलती हुई नजर आईं। रिपोर्ट के मुताबिक जब साध्वी प्रज्ञा कोर्ट रूम में आरोपियों के लिए बने बेंच के पास पहुंचीं तो साध्वी के साथ आए लोगों ने बेंच पर लाल रंग का एक कपड़ा बिछाया, इसके बाद प्रज्ञा उस पर बैठीं।

जज ने कहा- मालेगांव धमाके में कई लोग मारे गए। अदालत में सुनवाई के दौरान विशेष एनआईए जज ने साध्वी प्रज्ञा से पूछा कि क्या उन्हें पता है, या फिर क्या उन्हें उनके वकील ने बताया कि अबतक इस केस में कितने गवाहों से पूछताछ हो चुकी है। इस सवाल के जवाब में प्रज्ञा ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

इसके बाद जज ने साध्वी प्रज्ञा से कहा कि अबतक जितने गवाहों से पूछताछ हुई है उससे ये बात सामने आई है कि 29 सितंबर 2008 को एक धमाका हुआ था, जिसमें कई लोग मारे गए थे। इस सवाल के जवाब में भी प्रज्ञा ने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

बता दें कि महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के निकट हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।