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डॉक्टरों के आगे झुकी CM ममता बनर्जी, सारी मांगे मानी | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली।  हड़ताली डॉक्टरों (Doctors strike) के सीएम ममता बनर्जी (CM Mamta Banerjee) की बैठक का सकारात्मक नतीजा सामने आ रहा है. ममता बनर्जी ने सरकारी अस्पतालों में शिकायत निवारण सेल बनाने की सरकारी डॉक्टरों की मांग मान ली है. यही नहीं ममता बनर्जी ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर अनुज शर्मा को प्रत्येक अस्पताल में एक नोडल पुलिस अधिकारी तैनात करने को कहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के दो-दो प्रतिनिधियों से मिल रही हैं. राज्य में मारपीट की घटना के बाद से ही डॉक्टर बीते 7 दिनों से हड़ताल पर हैं.

बता दें कि ममता बनर्जी डॉक्टरों की उस शर्त को भी मानने को तैयार हैं, जिसमें वह कैमरे के सामने बैठक करने की बात कर रहे थे. जारी की गई चिट्ठी के अनुसार, इस बैठक का लाइव प्रसारण भी हो सकता है. लेकिन बाद में इसमें कुछ बदलाव हुआ और बैठक में सिर्फ एक ही न्यूज चैनल को जाने की अनुमति मिली. राज्य में कुल 14 मेडिकल कॉलेज हैं और ममता बनर्जी प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के दो- दो प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगी. NRS मेडिकल कॉलेज में साथी डॉक्टर्स की पिटाई से नाराज पश्चिम बंगाल के डॉक्टर पिछले 6 दिनों से हड़ताल पर हैं. मुख्यमंत्री सोमवार को मुलाकात के लिए तैयार हो गईं हैं, उन्होंने हर मेडिकल कॉलेज से दो प्रतिनिधियों को बुलाया है.

हालांकि ममता बनर्जी ने शनिवार को ही चिकित्सकों को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन डॉक्टर्स ने इस ऑफर को ठुकरा दिया था. इसके बाद हड़ताल कर रहे डॉक्टर्स सीएम ममता बनर्जी से मिलने को राजी हो गए हैं. डॉक्टर्स अब बिना मीडिया की मौजूदगी के सीएम ममता बनर्जी से सचिवालय में मुलाकात करेंगे.

इस मुलाकात पर डॉक्टर्स का कहना है कि सीएम के साथ मुलाकात की पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड किया जाए. इससे पहले रविवार को ढाई घंटे की मीटिंग के बाद डॉक्टर्स के एक प्रवक्ता ने कहा था कि हम लोग इस गतिरोध को खत्म करने को तैयार हैं, हम सीएम से बात करने को तैयार हैं, जहां वे बात करना चाहेंगी, बशर्ते ये खुले में हो, मीडिया की मौजूदगी में हो, किसी बंद कमरे में नहीं.

बता दें कि 10 जून को नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी. इसके बाद गुस्साए परिजनों ने मौके पर मौजूद डॉक्टरों को गालियां दीं. इस पर डॉक्टरों ने परिजनों के माफी न मांगने तक प्रमाणपत्र नहीं देने की बात कही. इस मामले में फिर हिंसा भड़क गई, कुछ देर बाद हथियारों के साथ भीड़ ने हॉस्टल में हमला कर दिया. इसमें दो जूनियर डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए जबकि कई और को भी चोटें आईं. इस पूरे मामले पर ममता बनर्जी ने हड़ताल वाले डॉक्टरों की निंदा की तो मामला तूल पकड़ता गया.