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चलती रेल में चंपी और फुट मसाज का प्रस्ताव वापस: शंकर और ताई ने विरोध किया था | INDORE NEWS

इंदौर। पश्चिम रेलवे ने इंदौर से चलने वाली ट्रेनों में हेड मसाज एवं फुट मसाज सर्विस (Head Massage & Foot Massage Service) का प्रस्ताव वापस ले लिया(Proposal withdrawn)। पहले रेलवे ने इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेनों में सिर और पैर की मसाज सेवा शुरू करने की योजना बनाई थी। 

बता दें कि इंदौर सांसद शंकर लालवानी और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (Shankar Lalwani and Sumitra Mahajan) ने इसका विरोध किया था। दोनों ने इसे भारतीय संस्कृति को नुक्सान पहुंचाने वाला फैसला बताया था। पश्चिम रेलवे के मुंबई हेडक्वार्टर ने बयान जारी कर कहा, ''इंदौर से चलने वाली 39 ट्रेनों में यह सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रतलाम डिवीजन ने दिया था। जैसे ही पश्चिम रेलवे के अफसरों को इसके बारे में जानकारी हुई, प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया गया है।'' इंदौर पश्चिम रेलवे के रतलाम डिवीजन में आता है। 

सिर और पैर की मसाज से महिलाओं की सुरक्षा खतरे में: सुमित्रा महाजन

सुमित्रा महाजन ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर पूछा था कि रतलाम डिवीजन के प्रस्तावित फैसले को क्या रेल मंत्रालय ने मंजूरी दी है। इस सुविधा के लिए ट्रेन में किस तरह की व्यवस्था की जाएगी, क्योंकि इससे यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा एवं सहजता के बारे में कुछ सवाल हो सकते हैं।

सिर और पैर की मसाज भारतीय सभ्यता के खिलाफ- इंदौर सांसद

इससे पहले लालवानी ने रेल मंत्रालय को इस मामले में पत्र लिखा था। उन्होंने लिखा था, "ये सेवा हमारी भारतीय सभ्यता के खिलाफ है। महिलाओं के सामने इस तरह की सेवा शुरू करना गलत है।' उन्होंने सुझाव दिया था कि मसाज की जगह ट्रेनों में स्वास्थ्य संबंधी सुविधा होना चाहिए, जो यात्रियों के लिए आवश्यक है। हालांकि, इस पत्र के जवाब में रतलाम डिवीजन के मैनेजर ने कहा था कि मसाज सेवा पूरे शरीर के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ सिर और पैर के लिए है।