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गुस्साए किसानों का ऐलान: अब व्यापारी की संपत्ति पर कब्जा कर लेंगे । INDORE NEWS

इंदौर। किसानों ने गुरुवार शाम से धोखाधड़ी करने वाले व्यापारी के यहां पर डेरा डाल दिया। रातभर किसान व्यापारी के घर व अस्पताल के सामने बैठे रहे। शुक्रवार को भी दिनभर बैठकर भजन-कीर्तन करते रहे। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उन्हें उनका पूरा पैसा नहीं मिलेगा वे यहां से नहीं हटेंगे। शाम को किसानों ने प्रशासन के नाम एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि यदि प्रशासन और मंडी अधिकारी व्यापारी से उनकी राशि नहीं दिला पाते हैं तो किसान व्यापारी की संपत्ति पर कब्जा कर लेंगे। किसानों ने यहां तक कह दिया कि वे इसके लिए जेल भी जाने को तैयार हैं। वहीं मंडी अधिकारियों का कहना है कि वे व्यापारी से किसानों का भुगतान कराए जाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।   

देपालपुर, सांवेर और राऊ के करीब 230 किसानों से हरिनारायण खंडेलवाल और उनके परिजनों ने मंडी परिसर से बाहर बाजार भाव से अधिक कीमत पर गेहूं की उपज खरीदी थी। खंडेलवाल ने राधेश्याम ट्रैडिंग कंपनी के नाम से गेहूं खरीदी कर चंदन नगर मिल पर उपज की तुलाई कराई थी। किसानों को जो चेक दिए गए थे, वे भी बाउंस हो गए। इसके बाद किसानों ने कलेक्टर लोकेश जाटव को शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच अपर कलेक्टर दिनेश जैन को सौंपी। प्रशासन के दबाव में व्यापारी ने किसानों को 4 मई को 10 प्रतिशत राशि यानी 25 से 26 लाख रुपए का भुगतान किए जाने का वादा किया, लेकिन व्यापारी 9 लाख रुपए लेकर किसानों के बीच पहुंचा। इस पर भी किसानों ने जमकर हंगामा किया था। इसके बाद अपर कलेक्टर जैन ने सभी किसानों को पांच-पांच हजार रुपए का वितरण कराया। जैन ने किसानों को आश्वास्त किया था कि दो दिन में राशि का भुगतान कराया जाएगा।

नाराज किसानों ने दिया अस्पताल पर धरना
भारतीय किसान यूनियन के बबलू जाधव ने कहा कि व्यापारी प्रशासन और किसानों के सामने नहीं आ रहा है। इससे नाराज होकर किसानों ने शाम 5 बजे के बाद व्यापारी के बड़ा गणपति स्थित चिरायू अस्पताल पर धरना दे दिया। किसानों से मिलने भी शुक्रवार शाम तक मंडी अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचे। यूनियन के जाधव का कहना है कि जब तक किसानों का पैसा नहीं मिलेगा वे यहां से नहीं हटेंगे।

अफसरों का भी फोन नहीं उठा रहा व्यापारी
व्यापारी ने अपर कलेक्टर जैन को भरोसा दिलाया था कि वह गुरुवार दोपहर 4.30 बजे आएगा और किसानों को राशि का भुगतान करेगा। ठीक 4.30 बजे मंडी अधिकारी कलेक्टोरेट पहुंच गए, लेकिन व्यापारी नहीं आया। 6 बजे तक उसे बार-बार फोन लगाते रहे, लेकिन न तो कॉल उठाया और न ही प्रशासन के सामने आया।

प्रयास कर रहे हैं
किसानों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। हमारा प्रयास लगातार जारी है ताकि किसानों को उनकी राशि का भुगतान किया जा सके।
-रमेश परमार, मंडी प्रभारी, लक्ष्मीबाई नगर अनाज मंडी