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GWALIOR NEWS: मुखबिर को बचाने आए रेत कारोबारी को गोली मारी

ग्वालियर। गोला का मंदिर इलाके में सरपंच के बेटे और रेत कारोबारी को दिनदहाड़े उसी के घर के बाहर हथियारबंद बदमाशों ने गोली मार दी। मुखबिरी के शक में रेत कारोबारी के साथ काम करने वाले मुंहबोले भानजे को मारने आए थे। 

सीताराम कॉलोनी निवासी सतीश उर्फ कईया गुर्जर (36) रेत का कारोबार करते हैं। उनकी मां रामबती पत्नी स्व.जगदीश गुर्जर मालनपुर के घिरौंगी-सिंगबाई गांव में सरपंच हैं। सतीश अपने पत्नी-बच्चों के साथ ग्वालियर ही रहते हैं। शुक्रवार सुबह 10 बजे वह अपने दोस्त दीपू दुबे निवासी सीपी कॉलोनी के साथ काम के सिलसिले में अमायन गए थे। दीपू के मामा, सतीश के दोस्त हैं, इसके चलते दीपू सतीश को मामा ही बोलता है। 

शाम करीब 4 बजे यह लोग लौटकर अपनी कार से ग्वालियर आए। दीपू कार चला रहा था। दीपू जब भिंड से निकला ही था तब उसके मोबाइल पर शताब्दीपुरम निवासी लाखन शर्मा का कॉल आया। वह उसे लगातार धमका रहा था। जैसे ही यह लोग सतीश के घर पहुंचे तो यहां लाखन अपने रिश्तेदार शिवम दंडोतिया और दो अन्य साथियों के साथ आया। 

यह लोग बाइक पर सवार थे। कुछ ही देर में एक्टिवा से दो और साथी आ गए। इनमें से एक का नाम नितिन था। इन लोगों ने दीपू से झगड़ना शुरू कर दिया। इस पर सतीश ने झगड़ने से रोका तो लाखन ने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली कार में लगी, दूसरी गोली सतीश के पेट में लगी। दीपू वहां से भागकर सांची पार्लर में छिप गया। उसके पीछे बदमाश दौड़े और दो गाेलियां चलाईं लेकिन किसी तरह दीपू बच गया। 

रास्ते पर फोन पर झगड़ा, बोला- घर आकर दिखा, देख लेंगे 

दीपू ने दो दिन पहले सीपी कॉलोनी में रहने वाले एक युवक से लाखन शर्मा के बारे में कुछ टिप्पणी की थी। युवक ने यह बात लाखन को जाकर बता दी। बस इसके बाद लाखन ने टशन बांध ली। लाखन ने शुक्रवार दोपहर में दीपू को कॉल कर फोन पर ही झगड़ना शुरू कर दिया। दीपू और उसके मुंहबोले मामा ने कहा कि घर आकर दिखा। इस पर यह लोग घर आ गए। यहां सतीश और इनके बीच भी मुंहवाद हुआ तो फिर उसने फायरिंग कर दी। 

हत्या के मामले में जमानत पर छूटा था लाखन 

लाखन शर्मा ने सीपी कॉलोनी में एक युवक की हत्या कर दी थी। इसमें उसके अलावा कुछ और लोग नामजद थे। कुछ ही दिन पहले लाखन जेल से जमानत पर छूटा था। हत्या करने के बाद वह शताब्दीपुरम में रहने लगा था। दीपू का कहना है कि उसके बारे में पूछताछ करने पुलिस जब मोहल्ले में आती थी तो वह पुलिसकर्मियों से बात करता था। इसी वजह से लाखन टशन बांध गया।