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PM नरेंद्र मोदी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर से मुंह फेरा, गोडसेवादियों की बधाई अस्वीकार | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। नाथूराम गोडसे को गर्व के साथ देशभक्त बताने वाली सांसद प्रज्ञा ठाकुर के राजनीतिक जीवन का यह सबसे बड़ा अध्याय होगा जब भारत के प्रधानमंत्री और भाजपा के सबसे लोकप्रिय नेता नरेंद्र मोदी ने उनकी बधाई को अस्वीकार करते हुए मुंह फेर लिया। बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर ने पीएम मोदी के सामने जाने से पहले विशेष तन और अनुष्ठान किया था। इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में एक स्पष्ट संदेश दे दिया कि प्रज्ञा ठाकुर और उनके जैसी विचारधारा वालों के लिए उनके हृदय में सिर्फ घृणा और निंदा ही हो सकती है। आने वाले दिनों में ऐसे लोगों के लिए भाजपा में भी कोई स्थान नहीं बचेगा। 

घटनाक्रम क्या है

शनिवार को संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित एनडीए की बैठक में मोदी को गठबंधन का नेता चुना गया। इसके बाद सभी सांसद मोदी को बधाई दे रहे थे। वह सबसे हंस कर मिले, लेकिन जैसी ही प्रज्ञा उन्हें बधाई देने के लिए आगे बढ़ीं, मोदी ने मुंह फेर लिया और आगे बढ़ने का इशारा कर दिया। इस तरह पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रज्ञा ठाकुर की बधाई तक को अस्वीकार कर दिया। 

क्यों नाराज हैं पीएम नरेंद्र मोदी

लोकसभा चुनाव के दौरान साउथ इंडिया के नेता कमल हासन ने कहा था कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी नाथूराम गोडसे था और वो हिंदू था। इसके जवाब में प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। बता दें कि नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी। 

पीएम मोदी की प्रतिक्रिया क्या थी

इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान जारी किया गया। जिसमें कहा गया, 'महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे को लेकर जो भी बातें की गईं हैं, वो भयंकर खराब हैं। ये बातें पूरी तरह से घृणा के लायक हैं, सभ्य समाज के अंदर इस प्रकार की बातें नहीं चलती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भले ही इस मामले में उन्होंने (साध्वी प्रज्ञा) माफी मांग ली हो, लेकिन मैं अपने मन से उन्हें कभी भी माफ नहीं कर पाऊंगा।'

क्या प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने माफी मांग ली
सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने नाथूराम गोडसे मामले में अब तक माफी नहीं मांगी है। उन्होंने तीन बयान जारी किए और तीनों में बात को संभालने की कोशिश की परंतु वो अपनी इस बात पर अडिग हैं कि नाथूराम गोडसे महान देशभक्त था और महात्मा गांधी की हत्या करने से उसकी देशभक्ति का वजन कम नहीं होता।