इंदौर सहित मालवा-निमाड़ में पूरी ताकत झोंकेगी भाजपा | MP NEWS

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इंदौर सहित मालवा-निमाड़ में पूरी ताकत झोंकेगी भाजपा | MP NEWS

भोपाल। मध्य प्रदेश में भोपाल लोकसभा सीट आरएसएस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है अब भारतीय जनता पार्टी मालवा-निमाड़ में भी प्रचार-प्रसार और तेज करने जा रही है। पीएम नरेंद्र मोदी सहित कई स्टार प्रचारक इन इलाकों में नजर आएंगे। 

मालवा-निमाड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदौर, खरगोन, खंडवा और झाबुआ में आमसभा लेंगे। पार्टी की रणनीति है कि मालवांचल में किसानों की कर्जमाफी को ज्यादा से ज्यादा प्रचारित किया जाए। इसकी वजह ये है कि कर्जमाफी न होने से किसानों में नाराजगी है। सोमवार को मतदान के साथ ही भाजपा ने भोपाल पर अपना फोकस कर दिया है। हिंदूवादी छवि के नेता यहां सक्रिय हो गए हैं। 

इंदौर की सभा का पूरे क्षेत्र में असर

मालवा और निमाड़ के आठ लोकसभा क्षेत्रों को साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदौर में सभा करेंगे। उनकी सभा दशहरा मैदान पर शाम को होगी। इसी दिन वे खंडवा में भी सभा लेंगे। 17 मई को मोदी खरगोन और झाबुआ सीट के लिए दौरे पर आएंगे।

मालवांचल में पांच नए चेहरे

मालवांचल की आठ में से सात सीट भाजपा के पास हैं। भाजपा की कोशिश है कि पार्टी यहां आठों सीटों पर कब्जा कर सके। विधानसभा चुनाव में भाजपा को यहां से भारी पराजय झेलना पड़ी थी। इसी कारण पार्टी ने उज्जैन, देवास, धार, खरगोन और इंदौर सहित पांच सीटों पर टिकट बदले हैं। भाजपा ने उज्जैन (अनुसूचित जाति) से सांसद चिंतामणि मालवीय का टिकट काटकर पूर्व विधायक अनिल फिरोजिया, धार (अनुसूचित जनजाति) से सांसद सावित्री ठाकुर की जगह पूर्व सांसद छतर सिंह दरबार, इंदौर से आठ बार की सांसद सुमित्रा महाजन की जगह शंकर लालवानी और खरगोन (अनुसूचित जनजाति) से सांसद सुभाष पटेल की जगह गजेंद्र सिंह पटेल को टिकट दिया है। देवास (अनुसूचित जाति) सीट से भाजपा ने एकदम नए चेहरे के रूप में सामने आए महेंद्र सिंह सोलंकी पर दांव लगाया है। सोलंकी न्यायाधीश के पद से इस्तीफा देकर चुनावी राजनीति में उतरे हैं।

कर्जमाफी पर जोर

मालवा की आठों सीटों पर आखिरी चरण में 19 मई को मतदान होना है। यहां भाजपा प्रत्याशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों के नाम पर वोट मांग रहे हैं। वे इस किसान बहुल इलाके में आयोजित सभाओं में कमलनाथ सरकार पर आरोप भी लगा रहे हैं कि कांग्रेस किसानों का कर्ज माफ करने वादा निभाने में नाकाम रही है। बचे हुए दिनों में पार्टी इस मुद्दे को और भी जोर-शोर से प्रचारित करने का कष्ट करेगी।