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समय बचाने काउंटिंग और टेबुलेशन एक ही रूम में होंगे | JABALPUR NEWS

जबलपुर। लोकसभा चुनाव में मतगणना 23 मई को होगी। आयोग के निर्देश हैं इस बार हर विधानसभा की 5 ईवीएम के मतों का वीवीपैट की पर्ची से मिलान किया जाएगा। इससे मतगणना का समय कई घंटे बढ़ जाएगा। इसी समय को कुछ कम करने के लिए अब मतगणना और टेबुलेशन की प्रक्रिया एक ही कक्ष में की जाएगी। इससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया पूरी करने में भी आसानी होगी। बावजूद इसके इस बार मतगणना की प्रक्रिया रात 12 बजे तक या उसके बाद ही पूरी हो पाएगी।

अब ऐसे होंगे मतगणना में काम
एमएमएली स्कूल स्थित मतगणना केंद्र में आठ विधानसभा के दो-दो कक्ष में ईवीएम से मतों की गिनती होती। वहीं प्रत्येक विधानसभा के लिए एक कमरा टेबुलेशन, फोटोकॉपी आदि के लिए तय था, लेकिन बदले हुए प्लान में ईवीएम से मतों की गिनती के तत्काल बाद वहां मौजूद टेबुलेशन टीम अपने प्रमाण-पत्र तैयार करेगी। फोटोकॉपी मशीन भी उसी कमरे में रखी जाएगी। इससे गणना पत्रक को दूसरे कमरे में लेकर जाने वाले रनर की जरूरत भी नहीं होगी। नए प्लान के लागू होने से विधानसभा के टेबुलेशन कक्ष की संख्या भी कम हो गई है। जैसे ही मतगणना का फाइनल आंकड़ा तैयार होगा उसी कक्ष से आयोग व सुविधा पोर्टल में दर्ज कर दिया जाएगा।

डाक वोट व ईडीसी मत की गिनती के लिए दूसरे कक्ष का उपयोग किया जाएगा। इससे मतगणना कक्ष में कर्मचारियों की संख्या कम होगी और उनकी जगह टेबुलेशन के अफसर व कर्मचारी काम कर सकेंगे।

इसलिए लगता था समय
विधानसभा चुनाव की मतगणना वाले प्लान से काम होता तो लोकसभा चुनाव का रिजल्ट और लेट हो जाता। मतों की गिनती के बाद उसके गणना पत्रक को माइक्रो आब्जर्वर, रिटर्निंग अधिकारी से होकर आब्जर्वर तक भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में फोटोकॉपी करने में ही कम से कम 10 मिनट का समय बीत जाता। वहीं रनर यानी जो व्यक्ति रिकार्ड लेकर एक से दूसरे कमरे में आवाजाही करता है, यह काम भी 5 से 10 मिनट बढ़ा देता है। यदि एक विधानसभा में गणना के दौरान 15 मिनट की बचत हुई तो आगे की प्रक्रिया में भी कम समय लगेगा।

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मतगणना प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने के लिए गणना कक्ष में ही टेबुलेशन की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। एक से दूसरे कमरे तक जाने वाले रनर की जरूरत भी नहीं होगी। इसी तरह की अन्य प्रक्रियाओं के लिए भी प्लान बनाया गया है।