भेड़, बकरी व घोड़े में पाया जाने वाला कीड़ा इंसान के पेट में मिला | GWALIOR NEWS

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भेड़, बकरी व घोड़े में पाया जाने वाला कीड़ा इंसान के पेट में मिला | GWALIOR NEWS

ग्वालियर। एक किसान के शरीर में इक्यानोकोकस ग्रेनुलोसस (Echinococcus Granulosus) नाम का कीड़ा पनप रहा है। कीड़े की उम्र लगभग 35 से 40 दिन के बीच की बताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के डॉ. हेमंत जैन का दावा है कि यह अब तक किसी मरीज (patient) के शरीर में मिला सबसे बड़ा कीड़ा है। यह कीड़ा भेड़, बकरी, घोड़े इत्यादि में पाया जाता है। उनके मल के माध्यम से इस कीड़े अंडे बाहर निकल जाते हैं और पानी या खाने-पीने की चीजों के माध्यम से मनुष्य के शरीर में पहुंच जाते हैं। इसके बाद खून के माध्यम से शरीर के किसी भी अंग में यह कीड़ा पनप सकता है। अब तक खोजे गए कीड़ों में इसकी लंबाई, चौड़ाई देश के सबसे बड़े कीड़े के रूप में चिह्नित की गई है। डॉ. ने बताया कि मरीज का इलाज किया जा रहा है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज (Medical college) में सर्जन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बृजेश (Dr Brijesh) स्वरूप व उनकी टीम ऑपरेशन करेंगे। 

सुनारी के रहने वाले किसान लोकेंद्र (Lokendra) की पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब थी। उन्हें खांसी, बुखार, कफ, बजन कम होना, भूख न लगना व पेट में सूजन आने की शिकायत हो रही थी। उन्होंने करीब एक हफ्ता पहले मेडिकल कॉलेज के डॉ. हेमंत जैन से परीक्षण कराया था। हेमंत जैन ने मरीज को सीबीसी जांच के लिए लिखा, जांच नॉर्मल आने के बाद उन्होंने लोकेंद्र की सोनोग्राफी करवाई, जिसमें संदेह होने पर मरीज को उन्होंने सर्जन डॉ. ब्रजेंद्र स्वरूप के पास रैफर कर दिया। ग्वालियर में लोकेंद्र का सीटी स्कैन कराया गया। मंगलवार को जब लोकेंद्र ने अपनी रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाई, तो उसमें इक्यानोकोकस ग्रनुलोसस नाम का कीड़ा नजर आया। डॉ. हेमंत जैन का कहना है कि यह हायडेटिड सिस्ट है, जो एक प्रकार का संक्रमण होता है। यदि सिस्ट फट जाता है, तो व्यक्ति की मौत तक हो सकती है।

एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के छात्रों को एक्सपर्ट सिखाएंगे बिज़नेस टिप्स 

एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (Agriculture University) की ओर से ग्रेजुएट छात्र-छात्राओं के लिए हर महीने एक्सपर्ट (Expert) के लेक्चर का आयोजन किया जाएगा। इसमें वह एग्रीकल्चर फील्ड में होने वाले बदलाव के बारे में बताएंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि भविष्य में किस फील्ड में बेहतर ग्रोथ की संभावना है। इनमें मिट्टी व जल परीक्षण प्रयोगशाला, टिश्यू कल्चर से पौधे तैयार करने की प्रयोगशाला, कस्टम हायरिंग सेंटर, बायाेेफर्टिलाइजर एवं पेस्टीसाइड की उत्पादन यूनिट आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।