पाकिस्तान ने भारत पर जो बम बरसाए थे वो नकली निकले, फटे ही नहीं | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। पाकिस्तान के लिए इससे ज्यादा शर्मसार करने वाली बात क्या होगी कि 26 फरवरी भारत द्वारा गुलाम कश्मीर में की गई एयर स्ट्राइक के जवाब में 27 फरवरी को पाकिस्तान एयरफोर्स ने जम्मू-कश्मीर को जो बम बरसाए थे, वो नकली निकले। फटे ही नहीं। अब इन मिलावटी बमों को भारत की सेना अपने तरीके से नष्ट करेगी। सेना ऐसे सभी जिंदा बमों की तलाश कर रही है। कई मिल चुके हैं। सर्चिंग अभी पूरी नहीं हुई है। 

बता दें कि पाकिस्तान ने 27 फरवरी को जम्मू कश्मीर में F-16 लड़ाकू विमानों से भारतीय ठिकानों पर हमले की असफल कोशिश की थी। F-16 से गिराए गए कई बम फटे ही नहीं। ऐसे कुछ बम नियंत्रण रेखा के नजदीक मेंढर के पास लावारिस हाल में पड़े हैं। अब सेना और एयरफोर्स की टीम इन बमों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करेगी। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक ये मिशन थोड़ा कठिन है क्योंकि पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा के नजदीक लगातार फायरिंग कर रही है. ऐसे में अगर वायुसेना और आर्मी के ऑफिसर बम ब्लास्ट करने LoC के नजदीक जाते हैं तो उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

जब मिराज के एक्शन से दहल उठा था पाकिस्तान

14 फरवरी को जैश ए मोहम्मद के आतंकियों ने जब पुलवामा में CRPF के काफिले पर हमला किया तो 40 जवान शहीद हो गए। आतंकियों की इस कायराना हरकत के बाद देश भर में गुस्सा था। भारत ने 26 फरवरी की देर रात को इस हमले का बदला लिया और पाकिस्तान स्थित बालाकोट में जैश के ट्रेनिंग सेंटर पर मिराज फाइटर प्लेन से 1000 किलो बम बरसाए। भारत के इस एयर स्ट्राइक में जैश के कई अड्डे नेस्तानाबूद हो गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जैश के 250 से 300 आतंकी भी इस हमले में मारे गए। इंडिया टुडे के एक स्टिंग ऑपरेशन में बालाकोट के एक शख्स ने कहा था कि हमले की रात ऐसा लगा था मानो वहां जलजला आ गया हो।

इस हमले के अगले ही दिन सुबह 10 बजे के करीब पाकिस्तान एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने भारत में घुसने की कोशिश की। हालांकि भारत ने इस हमले को नाकाम कर दिया। भारत ने पाकिस्तान के लड़ाकू विमान F-16 को मार गिराया। इस दौरान भारत का एक मिग फाइटर प्लेन भी पाकिस्तानी अटैक की चपेट में आ गया। हमले की कार्रवाई के दौरान भारत के कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान चले गए। पाकिस्तान ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि भारत के दबाव की वजह से पाकिस्तान ने मात्र 2 दिन में ही कमांडर अभिनंदन को भारत को सौंप दिया।