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कर्मचारी कांग्रेस के वीरेंद्र खोंगल: आचार संहिता उल्लंघन केस दर्ज करने की तैयारी | BHOPAL NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के गीतांजलि चौराहा स्थित कर्मचारी भवन में रखे गए होली मिलन समारोह में कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह और दो मंत्रियों पीसी शर्मा व जयवर्धन सिंह को बुलाने के मामले में मप्र कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र खोंगल के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का प्रकरण दर्ज करने की तैयारी चल रही है। 

मप्र कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र खोंगल को चुनाव आयोग द्वारा नोटिस दिया गया था। खोंगल ने नोटिस का जवाब भी दे दिया है, जिसमें सामाजिक कार्यक्रम होने की बात कही गई है। उन्होंने तर्क दिया है कि एसडीएम से अनुमति लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें मंत्रियों के साथ आम लोगों को भी बुलाया गया था। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि सामाजिक कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रत्याशी और मंत्रियों को क्यों बुलाया गया और मंच का राजनीतिक इस्तेमाल क्यों होने दिया गया। यदि कलेक्टर उनके तर्क से सहमत नहीं हुए तो प्रकरण दर्ज हो सकता है। 

​​शिकायत दिग्विजय सिंह की हुई थी
सामाजिक कार्यक्रम में राजनीतिक बयानबाजी प्रत्याशी दिग्विजय सिंह एवं मंत्री पीसी शर्मा द्वारा की गई थी। चुनाव आयोग से कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की शिकायत की गई थी। शिकायत में दिग्विजय सिंह को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। शिकायत में बताया गया था कि मध्यप्रदेश के लोकसभा क्षेत्र भोपाल से कांग्रेस पार्टी के घोषित प्रत्याशी जो कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं। इनके द्वारा दिनांक 27/03/2019 बुधवार को गीतांजली चौराहा स्थित कर्मचारी भवन भोपाल में न केवल शासकीय कर्मचारियों का खुलेआम कार्यक्रम आयोजित किया गया, बल्कि प्रदेश सरकार से संबंधित लाभ दिलाने के कई प्रकार के प्रलोभन दिए। उक्त अवसर पर उनके साथ मध्यप्रदेश शासन के मंत्री राजवर्धन सिंह, पी.सी.शर्मा, कमलेश्वर सिंह भी उपस्थित रहे।

दिग्विजय सिंह मासूम नहीं है, उन्हे नोटिस क्यों नहीं दिया
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दिग्विजय सिंह की कार्यक्रम में उपस्थिति एवं भाषण चुनाव आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। चूंकि दिग्विजय सिंह पूर्व में 10 वर्ष तक मुख्यमंत्री भी रहे हैं। अतः उनके द्वारा आदर्श आचार संहिता की मर्यादा का जानबूझकर कर खुलेआम उल्लंघन किया गया है। इस मामले में निर्वाचन पदाधिकारी ने केवल कार्यक्रम के आयोजक को नोटिस जारी किया।