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JEE ADVANCED: एसटी कैटेगरी का हर दूसरा छात्र क्वालिफाय करेगा | आरक्षण का असर

भोपाल। JEE MAIN का अप्रैल सेशन खत्म हो गया है। जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाय (QUALIFY) करने वाले स्टूडेंट्स का फैसला लगभग हो चुका है। अप्रैल और जनवरी की परीक्षाओं में से 2 लाख 45 हज़ार कैंडिडेट्स एडवांस्ड के लिए क्वालिफाय करेंगे। जेईई की ऑर्गनाइज़िंग कमेटी की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जेईई मेन में शामिल एसटी कैटेगरी (ST CATEGORY) के 36455 में से 18 हज़ार 375 कैंडिडेट एडवांस्ड के लिए क्वालिफाय करेंगे यानी इस कैटेगरी का जेईई मेन का हर दूसरा स्टूडेंट, जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाय करेगा। ये आंकड़े अप्रैल की एग्ज़ाम में शामिल हो रहे स्टूडेंट्स के आधार पर हैं। 

सबसे ज्यादा फायदा ST को, सबसे ज्यादा नुक्सान पिछड़ा वर्ग (OBC) को

आंकड़ों के मुताबिक एसटी के बाद मेन में शामिल कुल एससी कैंडिडेंट्स के 41.5 फीसदी कैंडिडेट्स एडवांस्ड में शामिल होंगे। मेन में एससी के 88383 स्टूडेंट शामिल हो रहे हैं। इनमें से 36 हज़ार 750 एडवांस्ड में शामिल होंगे। एसटी और एससी के बाद जनरल कैटेगरी स्टूडेंट्स की संख्या सर्वाधिक होगी। मेन में बैठे 4 लाख 24 हज़ार 299 स्टूडेंट्स में से 1 लाख 13 हज़ार 925 स्टूडेंट्स एडवांस्ड में बैठेंगे। ओबीसी के 3 लाख 49 हज़ार 476 में से 66 हज़ार 150 एडवांस्ड देंगे। समग्र रूप से देखें तो जेईई मेन देकर जेईई एडवांस्ड के लिए, आर्थिक पिछड़ा वर्ग के 26.4, जनरल के 26.85 और ओबीसी के 18.93 फीसदी स्टूडेंट्स क्वालिफाय होंगे वहीं एसटी और एससी के क्रमश: 50.40 और 41.58 फीसदी स्टूडेंट्स एडवांस्ड में बैठेंगे। 

आरक्षण की पॉलिसी योग्यता पर भारी

एक्सपर्ट भूपेंद्र भावसार के मुताबिक आईआईटी की 11 हज़ार सीटों पर हर वर्ग के स्टूडेंट्स को आरक्षण दिया जाना है। सभी कैटेगरी के तयशुदा कोटे के मुताबिक कम से कम उतने स्टूडेंट्स को आईआईटी में एडमिशन मिलना ही चाहिए। चूंकि एसटी और एससी कैटेगरीज़ के तहत जेईई मेन में शामिल स्टूडेंट्स की संख्या कम है इसलिए दोनों कैटेगरी में क्रमश: 40 फीसदी और 50 फीसदी स्टूडेंट्स को जेईई एडवांस्ड के लिए सिलेक्ट किया जाएगा ताकि आईआईटी में इन कैटेगरीज़ के सीटें फिल की जा सकें। हालांकि ये आंकड़े जेईई अप्रैल में शामिल हुए स्टूडेंट्स आधारित हैं। जनवरी में हुई जेईई मेन के स्टूडेंट्स को भी शामिल किया जाए तो आंकड़े बदल सकते हैं लेकिन चूंकि जनवरी के अधिकतर स्टूडेंट्स अप्रैल में भी शामिल हो रहे हैं इसलिए अंतर कम ही होगा।