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कोर्ट ने दरिंदे बाप को जेल भेजा, मां अब भी बेटी से नाराज | INDORE MP NEWS

इंदौर। दरिंदे बाप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाली बेटी के सामने मुसीबतों का पहाड़ खड़ा है। 3 साल से बाप की हैवानियत का शिकार हो रही बेटी ने जब हिम्मत जुटाई तो उसकी अपनी मां ने उसका साथ छोड़ दिया। मां का कहना है कि ऐसा करके बेटी ने अच्छा नहीं किया। बाप जेल चला गया, 15 हजार रुपए महीने का नुक्सान हो गया। 

बाणगंगा थाना क्षेत्र के बरदरी में 20 वर्षीय छात्रा ने अपने ही पिता की दरिदंगी उजागर की थी। फिजियोथैरेपी की छात्रा ने अपनी सहेलियों के साथ मिलकर सबूत जुटाए और फिर पुलिस थाने जाकर शिकायत की। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। खुद को बेकसूर साबित करने के लिए अस्पताल में आरोपित ने मेडिकल जांच भी नहीं करवाई। 

बाप अश्लील फिल्में दिखाता था, गर्भपात की गोलियां खिलाता था

महिला थानेदार श्रद्धा सिंह पंवार ने बताया कि पिता के दुष्कर्म करने के मामले में पीड़िता ने कई बातों का खुलासा किया है। आरोपित पिता उसे अश्लील फिल्में दिखाकर ज्यादती करता था। गर्भपात कराने के लिए कई बार उसे गोलियां भी खिलाईं। आपबीती याद कर वह सहम उठती है। भले ही जख्म दूर करने के लिए सहेलियां उसके साथ रहती हैं, लेकिन अपने साथ हुई ज्यादती को याद कर रह-रहकर जोर-जोर से रोने लगती है। 

मां कहती है 15 हजार रुपए महीने का नुक्सान हो गया

पिता को जेल पहुंचाने के बाद उसे मां की नाराजगी भी झेलना पड़ रही है। मां सीधे तौर पर उस पर घर की आर्थिक स्थिति बिगाड़ने का आरोप लगा रही है। मां उसे बार-बार कह रही है कि पिता के जेल जाने से 15 हजार रुपए का नुकसान होगा। घर का खर्च कैसे चलेगा। मां के विरोध में होने से वह ज्यादा तनाव में है। ऐसे वक्त में जब मां को उसके सबसे करीब होना चाहिए, वह सबसे बड़ी दुश्मन बनकर खड़ी हो गई। 

छोटी बहन को बचाने के लिए हिम्मत जुटाई

जिस छोटी बहन की आबरू बचाने के लिए उसने पिता की करतूत को दुनिया के सामने लाकर रख दिया, वह अब भी हॉस्टल में है, घटना से महरूम है। छोटा भाई अभी इतना नादान है कि उसे बहन के साथ हुई दरिंदगी का अहसास नहीं हो पा रहा है।

पढ़ाई के लिए एनजीओ से दिलवाएंगे मदद

थानेदार ने बताया कि शनिवार शाम मेडिकल कराने के लिए आरोपित को अस्पताल भेजा था। लेकिन उसने जांच कराने से मना कर दिया। रविवार को उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, छात्रा की पढ़ाई के लिए उसकी आर्थिक मदद एनजीओ के जरिए कराई जाएगी। पीड़िता की सहेलियों के भी बयान लिए जाएंगे। पुलिस प्रयास करेगी कि उसकी सहेलियों को गवाह बनाया जाए, जिससे आरोपित को सजा दिलाने में मदद मिल सके।