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गुस्साए CMO ने ज्ञापन में खुद ही बता दिया कि वो आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे थे | MP NEWS

अब्दुल वसीम अंसारी/राजगढ़ / भोपाल डेस्क नगर परिषद के सीएमओ एवं पार्षदों ने आज एक पुलिस आरक्षक के खिलाफ एसपी राजगढ़ को ज्ञापन सौंपा। मजेदार बात यह है कि अपने ज्ञापन में सीएमओ ने खुद यह बता दिया कि वो आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे थे। 

क्या था मामला:
नगर परिषद सीएमओ ने बताया कि सभी पार्षदगण और जनप्रतिनिधि नगर परिषद कार्यालय कुरावर में नगर विकास पर चर्चा कर रहे थे। तभी एक शराबी नगर परिषद कार्यालय कुरावर में उत्पात मचाने लगा जैसे तैसे वहां मौजूद लोगों ने नगर परिषद से शराबी को बाहर निकाल तो शराबी सड़क को जाम करते हुए हंगामा करने लगा। जिसकी शिकायत नगर परिषद सीएमओ के द्वारा थाना प्रभारी को फ़ोन पर की गई, थाना प्रभारी के द्वारा आरक्षक को नगर परिषद कार्यालय भेजा गया। सीएमओ ने बताया कि आरक्षक से शराबी को सड़क से हटाने और थाने ले जाने की बात कही तो आरक्षक इस बात पर भड़क गया और सीएमओ और पार्षदों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। आरक्षक की शिकायत लेकर नगर पालिका सीएमओ और पार्षद कुरावर थाना प्रभारी के पास पहुचे तो आरक्षक के द्वारा थाने में भी थाना प्रभारी के सामने भी बदसलूकी के साथ साथ मा बहन की गालियों की बरसात कर दी।

यहां चूक कर गए सीएमओ
आगामी लोकसभा चुनावों की तारीखों का एलान रविवार को हो चुका है। आचार संहिता प्रभावी है। अत: प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधियों के साथ अब किसी भी प्रकार की बैठक नहीं कर सकते। इस तरह की सभी बैठकें प्रतिबंधित हो चुकीं हैं जबकि सीएमओ ने अपने ज्ञापन में बताया कि वो पार्षदों के साथ बैठक कर रहे थे। इस तरह उन्होंने खुद यह बता दिया कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद वो अपने कक्ष में जनप्रतिनिधियों के साथ उपस्थित थे एवं प्रतिबंध के बावजूद बैठक कर रहे थे। इतना ही नहीं आचार संहिता लागू हो जाने के बाद नेताओं के साथ एसपी कार्यालय जाकर प्रदर्शन करना। ज्ञापन के साथ फोटो खिंचवाकर प्रेस में जारी करना। यह सारी प्रक्रिया ही आचार संहिता का उल्लंघन है। सीएमओ का वरिष्ठ अधिकारी कलेक्टर है, उन्हे नियमानुसार कलेक्टर के सामने अकेले उपस्थित होकर शिकायत प्रस्तुत करनी चाहिए थी। कलेक्टर की ओर से यह शिकायत पुलिस के पास पहुंचनी चाहिए थी परंतु सीएमओ ने तो नगरपालिका अध्यक्ष की तरह राजनीतिक प्रदर्शन कर डाला।