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अमृता राय ने बताया, वो लोकसभा चुनाव लड़ेंगी या नहीं | MP NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के सूत्र संचालक दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय का बयान सामने आ गया है। यह बयान दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह के उस कमेंट के बाद आया जिसमें उन्होंने नेताओं की पत्नियों को 'अत्यंत हानिकारक' बताया था। इधर मीडिया लगातार कयास लगा रही है कि राजगढ़ सीट से अमृता राय कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी हो सकतीं हैं। 

क्या कहा अमृता राय ने

अमृता राय ने फेसबुक पर अपना बयान पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा: बचपन में कहावत सुनते थे कौवा कान ले गया... सुनकर ‘फलाने’ कौवे के पीछे दौड़ पड़े... अपने कान नहीं देखे। आजकल इस कहावत को चरितार्थ होते हुए देखती हूँ। मीडिया कौवा बन गया है और समाज अपने कान देखने की बजाय कौवे के पीछे दौड़ रहा है। कभी-कभी कौवा और समाज दोनों अफ़वाह के पीछे दौड लगा रहे हैं। और फिर अफ़वाह को सच मानकर सब दौड लगाने लग रहे हैं। अजीब दौर है !! इसे ही कहते हैं post truth era ! अब ऐसी ही एक घटना इन दिनों मध्य प्रदेश में सुर्खियों में है। मीडिया कौवा बनकर मेरे चुनाव लड़ने की अफ़वाह फैलाने में लगी है। और समाज मुझसे पूछने की बजाय मीडिया ख़बर के पीछे भाग रहा है। कान देने और कान रखने में फ़र्क़ होता है भाई ! 

क्यों उड़ी यह अफवाह, किसने उड़ाई

पत्रकार अमृता राय को लोकसभा चुनाव लड़ाने के लिए भोपाल समाचार डॉट कॉम ने नाम चलाया था। दिनांक 09 फरवरी को राजनीति में दिग्गज नेताओं की पत्नियों की समीक्षा के दौरान अमृता राय का नाम प्रस्तावित किया गया था। (पढ़ें: मध्यप्रदेश की राजनीति में तीन देवियां सुर्खियों में) इसके बाद बात बढ़ती गई और कुछ मीडिया संस्थान दावा करने लगे कि अमृता राय चुनाव लड़ेंगी। करीब एक सप्ताह बाद लक्ष्मण सिंह की प्रतिक्रिया के बाद अमृता राय ने इन खबरों को विराम दिया। संभव है, यह उनका पारिवारिक मामला हो, परंतु यह तर्क अब भी अकाट्य है कि राजगढ़ सीट से अमृता राय से बेहतर प्रत्याशी कांग्रेस के पास फिलहाल कोई नहीं है।

अमृता राय में ऐसा क्या खास है

अमृता राय मूलत: पत्रकार हैं और राजनीतिक पत्रकारिता उनकी विशेषज्ञता है। इस तरह वो राजनीति को ठीक प्रकार से समझतीं हैं। पत्रकार होने के नाते आम जनता के दर्द को भी समझतीं हैं। अब तक के जीवन को देखें तो समझ आता है कि वो लालची नहीं हैं। जनता को ऐसे ही नेता की जरूरत होती है। मध्यप्रदेश की राजगढ़ और भोपाल 2 सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस के पास कोई ऐसा नेता नहीं है जो लोकसभा सदस्य के लिए पर्याप्त योग्यता रखता हो। अमृता राय सर्वदा योग्य हैं और कांग्रेस के लिए दोनों परिस्थितियों में लाभदायक हैं। कांग्रेस सत्ता में आए या विपक्ष में रहे। यदि वो राजनीति में आतीं हैं तो मध्यप्रदेश को एक सहृदय नेता मिलेगा और अमृता राय समाज को वो सबकुछ दे पाएंगी जो ईश्वर ने उनमें स्थापित किया है।