GOVT. SCHOOL : चुनाव के कारण कोर्स अधूरा रह गया, अब 1 माह में पूरा करने का टारगेट | EDUCATION NEWS

18 January 2019

भोपाल। विधानसभा चुनाव के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं हुई। कोर्स अधूरा रह गया। 1 मार्च से बोर्ड की परीक्षाए हैं। मात्र फरवरी बचा है और DPI ने आदेश दिए हैं कि इस 1 माह में कोर्स पूरा कराएं एवं रिवीजन भी कराएं। इसके लिए सभी जिलों में मोबाइल शिक्षक बनाए जाएं। डीपीआई आयुक्त जयश्री कियावत ने आदेश दिया कि जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहां पर मोबाइल शिक्षक की नियुक्ति कर जल्द कोर्स पूरा कराएं।

यह आदेश आयुक्त ने कैम्पियन स्कूल में गुरुवार को लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) द्वारा आयोजित संभागीय प्राचार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषयों में मोबाइल शिक्षकों को नियुक्त किया जाए। इन शिक्षकों के परिवहन भत्ता दिया जाएगा, जो सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। परीक्षा में एक माह का समय है, ऐसे में जल्द से जल्द कोर्स पूरा कर रिवीजन कक्षाएं शुरू करें। बैठक में पांच जिलों के 1100 प्राचार्य शामिल हुए। सभी ने अपने-अपने स्कूलों की समस्याएं गिनाई। इस दौरान डीपीआई अपर संचालक डीएस कुशवाहा व कामना आचार्य ने भी दिशा-निर्देश दिए।

PRINCIPALS को फटाकर लगाई

आयुक्त ने कहा कि दसवीं व बारहवीं की छमाही परीक्षा में जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम खराब रहा और जिन बच्चों को डी ग्रेड आया है, उन पर विशेष ध्यान दें। प्राचार्यों को आयुक्त ने फटकार लगाई कि 10वीं व 12वीं परीक्षा के लिए बच्चों को पूरी तरह से तैयार करें। उनके मन से परीक्षा का भय निकालें। काउंसिलिंग करें और उन्हें प्राइवेट करने का प्रयास न करें। वहीं अपर संचालक कामना आचार्य ने कहा कि जिन शिक्षकों को विषयवार प्रशिक्षण दिया गया है और मॉड्यूल दिए गए हैं। उसके हिसाब से बच्चों को भी पढ़ाएं।

प्राचार्यों ने कमियां गिनाईं 

- स्कूल में फर्नीचर की कमी है। आयुक्त ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में जिन स्कूलों का बेहतर परीक्षा परिणाम आएगा, उनको फर्नीचर देने में प्राथमिकता दी जाएगी।
- शिक्षकों की कमी है। इस पर आयुक्त ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सौ फीसदी करें। यह नहीं होगा तो निरीक्षण में कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
- रेमेडियल कक्षाओं में बच्चे रूचि नहीं ले रहे हैं। आयुक्त ने कहा कि कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान दें।

Remedial Class की बच्चों की उपस्थित सौ फीसदी करें

आष्टा व विदिशा से आए प्राचार्यों ने कहा कि रेमेडियल कक्षाओं में बच्चों की संख्या कम है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे अपने पिता के साथ खेतों में काम करने जाते हैं। इस पर आयुक्त ने कहा कि रेमेडियल कक्षाओं मं बच्चों की उपस्थिति सौ फीसदी जरूरी है। इसके लिए अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के माता-पिता को जागरूक करें और बच्चों को भी समझाएं। इन दिनों स्कूलों में बोर्ड परीक्षा को लेकर रेमेडियल कक्षाएं लगाई जा रही हैं, जिसमें बच्चों की उपस्थित बहुत कम है।



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