ज्योतिरादित्य सिंधिया: ये है भोपाल का नया पता | JYOTIRADITYA SCINDIA BHOPAL ADDRESS CONT NO.

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ज्योतिरादित्य सिंधिया: ये है भोपाल का नया पता | JYOTIRADITYA SCINDIA BHOPAL ADDRESS CONT NO.

भोपाल। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस में कमलनाथ के समकक्ष सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान से एक अदद बंगले की मांग की थी परंतु शिवराज सिंह ने उनके आवेदन को फाइल में दबा दिया था। अब सत्ता बदलते ही जहां एक ओर शिवराज सिंह समेत सभी भाजपा मंत्री व नेताओं को बंगले खाली करने पड़ रहे हैं वहीं कांग्रेस नेताओं को आवंटित किए जा रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी बंगला आवंटित कर दिया गया है। 

बता देंकि सांसद होने के चलते चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष बनाए जाने पर ज्योतिरादित्य सिंंधिया ने सरकार को बंगला आवंटन के लिए आवेदन दिया था, मगर उन्हें भी शिवराज सरकार ने बंगला नहीं दिया था। अब सिंधिया को भी कमलनाथ ने बंगला आवंटित कर दिया है। सिंधिया को चार इमली स्थित पूर्व गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह का बंगला (B-17 चार इमली, पानी की टंकी के सामने PHONE NUMBER- 0755-2671024) आवंटित किया गया है। अब तक सिंधिया जब भी भोपाल आते थे तब वे सर्किट हाउस या फिर होटल में रुकते थे। सिंधिया की इस समस्या को भी कमलनाथ ने अब दूर कर दिया है।

दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री के नाते शिवराज सिंह चौहान को भी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बंगला आवंटित किया है। वैसे शिवराज सिंह के पास पूर्व में 74 बंगले स्थित बी-8 बंगला था, जिसमें वे मुख्यमंत्री निवास छोड़कर वापस जाने वाले थे, मगर कमलनाथ ने उन्हें श्यामला हिल्स के निकट ही बंगला दिया है।

पूर्व मंत्रियों से कहा जल्द खाली करो बंगले
राजधानी में बंगले के चाहत रखने वालों की संख्या को देख अब राज्य सरकार ने पूर्व मंत्रियों को मौखिक रुप से आदेश देकर बंगले खाली करने को कहा है। गृह विभाग द्वारा इनसे बंगले खाली करने के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार सभी 32 पूर्व मंत्रियों से गृह विभाग के अधिकारी लगातार संपर्क कर बंगले खाली करने को कह रहे हैं। बताया जाता है कि पूर्व मंत्रियों के स्टाप को भी अधिकारियों ने चर्चा कर साफ कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर बंगला खाली नही किया गया तो नोटिस दिया जाएगा। वैसे अधिकांश पूर्व मंत्रियों की ओर से बंगले खाली करने का आश्वासन अधिकारियों को दिया गया है।