हमने RSS पर प्रतिबंध लगाने की बात नहीं की, भाजपा झूठ बोल रही है: कमलनाथ | MP NEWS

11 November 2018

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि कांग्रेस ‘वचन-पत्र’ में आरएसएस पर केंद्रित एक बिंदु को लेकर भाजपा जनता में यह झूठा भ्रम फैला रही है कि कांग्रेस आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने की बात कह रही है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। हमने वचन पत्र में किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, व्यवसायियों और दलितों के उत्थान के लिये जो बातें शामिल की हैं, उससे भाजपा बौखला गई है। उसके पास अब कहने को कुछ नहीं बचा है, इसलिये जनता में भ्रम फैलाकर ऊल-जलूल बयान दे रही है। 

झूठ फैलाकर आरएसएस के सामने नंबर बढ़ाने की कोशिश है

कमलनाथ ने कहा कि भाजपा इसलिये झूठ परोस रही है, क्योंकि उसकी कारगुजारियों और कुशासन ने जनता व उसके कार्यकर्ता ही नहीं, अपितु उसका मातृ संगठन आरएसएस भी नाराज है। जिसको लेकर आरएसएस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बयानबाजियां पिछले दिनों खुलकर भाजपा सरकार के खिलाफ देखने को मिली है। इसलिये भाजपा के तमाम नेता जानबूझकर कांगे्रस के वचन पत्र के एक बिंदु पर भ्रम फैलाकर आरएसएस के आगे अपने नंबर बढ़ाने और उन्हें खुश करने में लग गये हैं।

भाजपा जनता का ध्यान भटका रही है

कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने सभी वर्गों के लिये अच्छी घोषणाओं को वचन के रूप में शामिल किया है और इसे पूरा करने के लिये हमारी पार्टी वचनबद्ध है। लेकिन भाजपा इस वचन पत्र के 973 बिंदुओं में से केवल आरएसएस के एक बिंदु की भ्रामक व्याख्या करके जनता का ध्यान भटका रही है कि कांग्रेस आरएसएस पर प्रतिबंद्ध लगाने की बात कर रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि वचन पत्र में इस बात का उल्लेख है कि ‘‘शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखाऐं लगाने पर प्रतिबंद्ध लगायेंगे तथा शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों को शाखाओं में छूट संबंधी आदेश निरस्त करेंगे।

उमा भारती के समय भी लगा था प्रतिबंध

कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने उसी निर्णय की बात अपने वचन पत्र में कही है जो कि संविधान के दायरे में है। यह वर्तमान में पूरे देश में लागू है और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और बाबूलाल गौर की सरकार के समय भी लागू था। आज विरोध करने वाले भाजपाई उस समय कहां थे और मौन क्यों थे? यदि विरोध ही करना है तो केंद्र में मोदी सरकार का विरोध करें और इस निर्णय को पूरे देश के लिये पलटवाएं। इसके लिये वे मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलें। लेकिन वो जानबूझकर कांग्रेस पर झूठे आरोप लगा रही है।

कर्मचारी चाहते हैं कि प्रतिबंध लगाया जाए 

कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालय में बैठकर लोकसेवक की भूमिका को निष्पक्षता व निष्ठा से निभायें जो कि उनका कर्तव्य है। अधिकारी, कर्मचारी भी यही चाहते हैं कि उन्हें जबरदस्ती शाखा में जाने के लिये अपरोक्ष रूप से मजबूर न किया जाये लेकिन भाजपा चाहती है कि अधिकारी, कर्मचारी शाखाओं में जायें और अपने कामों के लिये जनता उनके इंतजार में लाईनों में लगे। परेशान हों। इससे भाजपा की जनता के प्रति प्राथमिकता को समझा जा सकता है।  

भाजपा के लिए काम करता है आरएसएस 

नाथ ने कहा कि सभी जानते हैं कि आरएसएस कोई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन तो है नहीं। भाजपा की पूरी रणनीति और राजनीति के पीछे आरएसएस की ही मुख्य भूमिका है। आरएसएस का राजनीति से सीधा जुड़ाव है लेकिन भाजपा कांग्रेस के अच्छे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिये वचन पत्र के आरएसएस से संबंधित बिंदु को हवा दे रही है, ताकि वचन पत्र के अच्छे बिंदुओं पर जनता का ध्यान न जाये। लेकिन जनता असलियत जानती है और भाजपा के बहकावे में आने वाली नहीं है।  
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