विस चुनाव: घूंघट वाली प्रत्याशी, भाजपा के वंशवाद का जिंदा सबूत | NATIONAL NEWS

नई दिल्ली। वंशवाद और परिवारवाद का विरोध करके भाजपा पूरे देश में मजबूत हुई परंतु आज यही पार्टी अपने नेताओं के आगे मजबूर और बोनी नजर आती है। सत्ता में आने के लिए लालायित भाजपा ने कोलायत सीट पर देवी सिंह भाटी के सामने घुटने टेक दिए। नेताओं को मालूम था कि इसके बाद पार्टी की काफी थू थू होगी परंतु वो इसके लिए तैयार हैं। 

बीजेपी ने कोलायत सीट से पूनम कंवर को प्रत्याशी बनाया है। पूनम कंवर की अपनी कोई पहचान नहीं है। नाम घोषित होने के बाद लोगों को पता चला कि भाजपा नेता देवीसिंह भाटी की बहू का नाम पूनम कंवर है। शादी के बाद से आज तक पूनम को घर से निकलने नहीं दिया गया। वो हमेशा घूंघट में ही रही। टिकट मिलने के बाद भी हालत यह है कि पूनम घर से बाहर तो निकल रहीं हैं परंतु घूंघट में। घूंघट के भीतर छिपी भाजपा लोगों से वोट मांग रही है। 

दरअसल, देवी सिंह भाटी कोलायत सीट से दमदार नेता रहे हैं लेकिन पिछली बार वह हार गए तो कह दिया कि अब आगे और चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनके दोनों बेटों की हादसे में मौत हो गई है, इसलिए घर में कोई बचा नहीं तो बहु को ही टिकट दिलवा दिया। घूंघट के अंदर से बात करते हुए पूनम कंवर ने कहा कि घूंघट राजपूत महिलाओं की प्रथा है, लेकिन इससे काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।