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BSP: कार्यकर्ता सवाल करने आए तो पदाधिकारी ताला लगाकर भाग गए | POLITICAL NEWS

10 November 2018

ग्वालियर। बहुजन समाज पार्टी में टिकट वितरण को लेकर पनपा असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को निष्कासित एवं टिकट कटने से नाराज कार्यकर्ता प्रीतम विहार कॉलोनी स्थित पार्टी कार्यालय पर पहुंचे थे। प्रदेश कोर्डिनेटरों ने कुछ देर तो कार्यकर्ताओं की बात सुनी, लेकिन भीड़ बढ़ने लगी तो ताला लगाकर गायब हो गए। नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश कोर्डिनेटरों ने पैसे लेकर टिकट बदले हैं। पार्टी से निष्कासित किए गए जिला महासचिव ने भी दक्षिण विधानसभा से नामांकन फॉर्म भर दिया है।

बसपा में टिकट वितरण से नाराज कार्यकर्ता अब बगावत पर उतर आए हैं। कार्यकर्ता शुक्रवार को दोपहर 2 बजे प्रीतम विहार स्थित बसपा कार्यालय पर पहुंचे थे। यहां पर स्टेट कोर्डिनेटर मौजूद थे, कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पैसे लेकर कार्यकर्ताओं के टिकट काटकर दूसरे लोगों को दिए जा रहे हैं। जब हमने अपनी बात रखी तो निष्कासित कर दिया गया। यदि बसपा सुप्रीमो का निष्कासन को लेकर कोई आदेश आया तो हमें दिखाया जाए। गुस्साए कार्यकर्ताओं की भीड़ अधिक होने लगी और हंगामे की आशंका दिखाई दी तो प्रदेश कोर्डिनेटर ताला लगाकर चले गए। जिला महासचिव मान सिंह चोकोटिया ने इसकी शिकायत प्रदेशाध्यक्ष से भी दर्ज कराई है। हालांकि कार्यकर्ताओं के मुताबिक प्रदेशाध्यक्ष ने भरोसा दिलाया है किसी का कोई निष्कासन नहीं हुआ है। साथ ही रूठे कार्यकर्ताओं को शनिवार को भोपाल बुलाया गया है। कार्यकर्ता रात को जीटी से रवाना हो गए हैं।

मुझसे मांगे 10 लाख, नहीं दिया तो टिकट काट दिया

जिला महासचिव मानसिंह चोकोटिया का कहना है कि 6 नवंबर की रात को जारी हुई सूची में दक्षिण विधानसभा से टिकट उनको मिला था। इसके बाद टिकट के लिए 10 लाख रुपए की मांग की गई। जब इनकार किया तो टिकट काटकर दूसरे को टिकट बेच दिया गया। बसपा में पैसे लेकर टिकट बांटे जाने की खबरों को इस आरोप से बल मिला है।

निष्कासन के बाद भरा फार्मः

जिला महासचिव मानसिंह चोकोटिया को 7 नवंबर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। इसके बाद भी शुक्रवार को उन्होंने बसपा के बैनर तले दक्षिण विधानसभा से नामांकन फार्म दाखिल किया है। उनका कहना है कि प्रदेशाध्यक्ष से चर्चा के बाद उन्होंने पर्चा भरा है।

निष्कासित लोग झूठे आरोप लगाते रहते हैं

जिसको भी पार्टी से निष्कासित किया जाता है वह हमेशा ही पैसे के लेनदेन जैसे झूठे आरोप लगाता है। बसपा सुप्रीमो ने जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर बेहतर प्रत्याशियों को टिकट दिया है। एकाध सीट को छोड़ दें तो सभी कार्यकर्ताओं को टिकट दिया गया है। शुक्रवार को किसी प्रकार का कोई हंगामा नहीं हुआ है।
बीपी कौशिक, संभागीय सचिव बसपा

किसी को निष्कासित नहीं किया गया है

हमारी प्रदेशाध्यक्ष से बात हुई है। हमने उन्हें बताया है कि प्रदेश कोर्डिनेटर की दलाली का विरोध करने पर निष्कासन किया गया है। उनका कहना है कि किसी को निष्कासित नहीं किया गया है। मेरा टिकट दक्षिण विधानसभा से हुआ था, पैसे देने से इनकार किया तो किसी दूसरे को दे दिया गया। प्रदेशाध्यक्ष से बात होने के बाद मैने बसपा से नामांकन फार्म दाखिल कर दिया है।
मान सिंह चोकोटिया, निष्कासित जिला महासचिव बसपा

हमने तो पार्टी मंच पर बात रखी थी, उन्होंने निष्कासित कर दिया

पार्टी में कुछ गलत हुआ तो हमने केवल अपनी बात रखी थी, जिसकी हमें इतनी बड़ी सजा मिली। बात निष्कासन की नहीं स्वाभिमान और सम्मान की है। कुछ दिन इंतजार कर रहा हूं, इसके बाद इस मामले में सभी के सामने कुछ कहूंगा।
सुरेन्द्र पलिया, निष्कासित जिलाध्यक्ष बसपा



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