AIMS में भांग से होगा CANCER व मिर्गी जैसी बीमारियों का इलाज | HEALTH NEWS

24 November 2018

नई दिल्ली। जानलेवा और सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बीमार कैंसर, मिर्गी, भूख बढ़ने, चिड़चिड़ापन कम और उल्टी जैसी कई बीमारियों का इलाज अब भांग से किया जाएगा। यह इलाज किसी देसी बाबा के यहां नहीं बल्कि भारत के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल एम्स में किया जाएगा। चूहों पर की गई स्टडी में यह साबित हो गया है कि भांग के इस्तेमाल से कैंसर मरीजों की बीमारी को कम किया जा सकता है। अब एम्स के डॉक्टर भांग का इस्तेमाल इंसानों पर करने की तैयारी कर रहे हैं।   

डॉक्टर अनुराग ने कहा कि कैंसर से पीड़ित मरीजों को Chemotherapy के दौरान कैप्सूल के रूप में भांग की पत्तियों से बनी दवा दी जाएगी। एम्स कीमोथेरपी से गुजर रहे कैंसर मरीजों पर भांग की पत्तियों से बनी दवाओं का इस्तेमाल कर यह पता लगाएगा कि यह कितना कारगर होता है। एम्स के सर्जरी विभाग के डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि इस स्टडी के लिए आयुष मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया गया है। 

भांग के कुछ पौधे MEDICAL गुणों से युक्त 

आमतौर पर भांग को लोग नशे में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके कुछ ऐसे पौधे होते हैं जिसमें मेडिकल गुण भी पाए जाते हैं। भांग के इस मेडिकल गुण वाले पौधे के इलाज में इस्तेमाल को लेकर शुक्रवार राजधानी दिल्ली में आयोजित कांफ्रेंस के दौरान डॉक्टर अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मंत्रालय को भांग से बनी दवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उसका इस्तेमाल कैंसर मरीजों पर किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस रिसर्च के लिए कैंसर के लगभग 450 मरीजों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें Chemotherapy दी जा रही है।
  

भांग की पत्तियों से बनेगी Medicine 

डॉक्टर अनुराग ने कहा कि कैंसर से पीड़ित मरीजों को कीमोथेरपी के दौरान कैप्सूल के रूप में भांग की पत्तियों से बनी दवा दी जाएगी। इस दौरान हम यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि भांग में पाए जाने वाले प्राकृतिक पदार्थ कैनाबाइडियॉल (सीबीडी) से कीमोथैरपी में इस्तेमाल होने वाली जेमसिटाबाइन पर किस तरह का असर होता है। 

HEMP से बनी दवा Cancer Patients के मूड को भी बनाएगी बेहतर 

उन्होंने कहा कि कई रिसर्च में यह सामने आया है कि मेडिकल गुण वाले भांग में मौजूद कैनाबाइडियॉल (सीबीडी) कीमोथेरेपी के साइडइफेक्ट को कम करता है। जिससे मरीजों को भूख बढ़ने, चिड़चिड़ापन कम, उल्टी जैसी परेशानी खत्म हो सकती है। यही नहीं भांग से बनी दवा कैंसर मरीजों के मूड को भी बेहतर बनाए रखेगी। 

मेडिकेटेड भांग से होगा मिर्गी का Epilepsy 

कांफ्रेंस के दौरान एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग की डॉक्टर मंजरी त्रिपाठी ने कहा कि मेडिकेटेड भांग का इस्तेमाल मिर्गी की दवा बनाने के लिए किया जा सकता है। इससे छोटे बच्चों को पड़ने वाले मिर्गी के दौरों से निजात मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इस पर कई स्टडी पहले भी हो चुकी है और यह साबित हो चुका है कि भांग में मिलने वाले मेडिकल गुण मिर्गी के दौरे को भी कम कर सकता है। उन्होंने कहा कि भांग के पौधे से 80 से अधिक प्रकार के कंपाउंड बनते है जिनका इस्तेमाल अलग-अलग तरीके से किया जा सकता है। 

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