हार्ट अटैक और एंजियोग्राफी से बचाने वाले सरल आयुर्वेदिक नुस्खे: World Heart Day

28 September 2018

आज भागदौड़ भरी जिन्दगी और खानपान में आ रहे बदलावों के कारण दिल से जुड़ी कई परेशानियां सामने आ रही हैं। वक्त पहले जैसा भी नहीं रहा। पहले जहां दिल के रोगों को 55 का रोग माना जाता था, वहीं अब 30 की उम्र के लोगों को भी ये रोग होने लगा है। बदलती लाइफस्टाइल के चलते अब दिल को स्ट्रांग रखना भी काफी जरूरी हो गया है, लेकिन जरूरी नहीं कि इसके लिए हमें किसी दवा का ही सहारा लेना पड़े। अगर आप आयुर्वेदिक नुस्खों पर यकीन करें, तो ये नुस्खे आपके दिल को मजबूत बनाने में बड़े काम आएंगे। हर साल 29 सितंबर को वल्र्ड हार्ट डे मनाया जाता है। तो चलिए वल्र्ड हार्ट डे के मौके पर हम आपको बताते हैं दिल को मजबूत बनाने वाले आयुर्वेदिक तरीकों के बारे में। 

तुलसी से कोलेस्ट्रॉल और ब्लडप्रेशर कंट्रोल

तुलसी को हम देवी का रूप मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसका बहुत महत्व है। आमतौर पर तुलसी का उपयोग तनाव से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में होता है। कॉलेस्ट्रॉल को कम करने में भी ये बहुत फायदेमंद है। स्ट्रेस आपने शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ब्लडप्रेशर में वृद्धि करता है। ये सभी समस्याएं दिल को कमजोर करने का मुख्य कारण होती हैं। इसलिए अगर अपने दिल को मजबूत बनाना है तो किसी भी रूप में तुलसी का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

लहसुन हृदय की धमनियों से प्लेग को कम करता है

ज्यादातर आयुर्वेदिक विशेषज्ञ दिल को मजबूत करने के लिए लहसुन का सेवन करने की सलाह देते हैं। रिसर्च से पता चला है कि इसका उपयोग धमनियों से प्लेग को कम कर सकता है। जिन लोगों को लहसुन की स्मेल बर्दाश्त नहीं होती, वो बिना गंध वाले लहसुन कैप्सूल का भी उपयोग कर सकते हैं। 

अर्जुनछाल प्राकृतिक कॉर्डियो-टॉनिक

टर्मिनलिया अर्जुन दिल से जुड़े रोगों को दूर करने के लिए औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। अर्जुनछाल एक प्राकृतिक कॉर्डियो-टॉनिक के रूप में बेहद फायदेमंद है। ये एक आयुर्वेद जड़ीबूटी है, जो कार्डिक मांसपेशियों को मजबूत करती है। कुछ रिसर्च बताती हैं कि अर्जुन छाल का उपयोग करने पर एंजिना के प्रभाव को 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। सबसे अच्छी बात ये है कि इसके इस्तेमाल करने पर इसका प्रभाव लंबे समय तक हमारे शरीर में बना रहता है। दिल को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए अर्जुनछाल के पाउडर  और शहद को गर्म पानी में मिलाकर पीया जा सकता है। 

अल्फाल्फा हार्ट को ताकतवर बनाता है

कार्डियोवस्कुलर समस्याओं से निजात पाने के लिए अल्फाल्फा का उपयोग बहुत फायदेमंद है। यह हार्ट डिसीज के लिए इसके फायदेमंद है क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। दिल का स्ट्रांग बनाने के लिए आप चाहें तो अल्फाल्फा के पत्तों की चाय या इनसे निकाले गए जूस का नियमित रूप से सेवन कर सकते हैं। लेकिन आपकी बीमारी के लिए कितनी मात्रा में लेना सही होगा, इसके लिए आप आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
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