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MP NEWS | सवर्ण आंदोलन: भाजपा नेताओं को चुप रहने के निर्देश

भोपाल। मध्यप्रदेश में चल रहे एससी/एसटी एक्ट के विरोध के बीच भाजपा के संगठन महामंत्री सुहास भगत एवं प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने भाजपा नेताओं को निर्देशित किया है कि वो चुप रहैं, प्रवक्ता बनने की कोशिश ना करें और सोशल मीडिया पर किसी तरह के कमेंट ना करें। पिछले दिनों एससी/एसटी एक्ट विरोधियों ने 'नोटा' अभियान चलाया, तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसे 'बकवास' बताने की कोशिश की। पेट्रोल/डीजल के दामों में वृद्धि को भाजपा के लोग सही बता रहे हैं। यहां तक दलीलें दी जा रहीं हैं कि दाम 150 होने चाहिए थे, भाजपा सरकार है इसलिए 90 हैं। 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने बुधवार को भोपाल-होशंगाबाद संभाग की बैठक में दी। इसमें उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी जाहिर की कि प्रदेश प्रवक्ताओं के अलावा लोग बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर कोई प्रवक्ता बनने की कोशिश न करे। जो प्रवक्ता हैं, वही बोलें। उन्होंने उदाहरण दिया कि राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक होनी थी, मप्र के मीडिया वाले मेरे पीछे लगे थे कि कुछ बोलो लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा। चूंकि यह दायित्व राष्ट्रीय प्रवक्ताओं का था। इसलिए मप्र के लोग भी ध्यान में रखें। टिकट को लेकर भी लोग कहने लगे हैं। ऐसा कुछ न करें, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान हो। यदि ऐसा होता है तो पार्टी को गंभीरता से लेना पड़ेगा।

सुहास बोले: सोशल मीडिया पर कमेंट ना करें
सुहास भगत ने सोशल मीडिया को लेकर कहा कि इस पर कमेंट न करें। लोग अलग-अलग तरह से फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और वाट्सएप पर मुहीम चला रहे हैं। गुजरात में पाटीदार, महाराष्ट्र में मराठा आंदोलन या सवर्णों के आंदोलन ये सब एक मुहीम के हिस्से थे। लोग कोशिश कर रहे हैं और भाजपा के कार्यकर्ता कमेंट करके उसमें शामिल हो जाते हैं। इस पर ध्यान रखो। कमेंट करने से बचो। 
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