आसाराम के पापों का साझीदार बेटा नारायण साईं को देनी होगी पत्नी को एलिमनी | INDORE NEWS

01 September 2018

इंदौर। आसाराम का बेटा नारायण साईं अपनी पत्नी को हर माह भरण पोषण के लिए 50 हजार रुपए का भुगतान करेगा। इंदौर कुटुंब न्यायालय ने नारायण साईं की पत्नी जानकी द्वारा दायर घरेलू हिंसा केस में शनिवार को यह निर्णय सुनाया। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि नारायण साईं को यह भत्ता एक जनवरी 2018 से देना होगा। इस संबंध में कोर्ट ने नोटिस भी जारी किया है। 

इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र की गणेशपुरी कॉलोनी में रहने वाली नारायण साईं की पत्नी जानकी उर्फ शिल्पी हरपलानी ने कुटुंब न्यायाल में घरेलू हिंसा और भरण पोषण का प्रकरण दर्ज कराया था। कोर्ट ने नारायण साईं से पत्नी को भरण-पोषण के लिए 50 हजार रुपए प्रति माह देने का निर्णय दिया है। कोर्ट ने कहा है कि यह राशि एक जनवरी 2018 से देना होगी। अर्थात पिछले 8 माह के पैसे जो की 4 लाख रुपए होते है वह भी नारायण साई को अपनी पत्नी को देना होंगे।  

आसाराम और नारायाण साईं की हरकतों का खुलासा होने पर उसकी पत्‍नी जानकी ने पति और ससुर आसाराम के खिलाफ प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। साईं की पत्नी जानकी ने इंदौर के खजराना पुलिस थाने में 19 सितंबर 2015 को दर्ज अपनी शिकायत में कहा था कि 22 मई 1997 को उसकी शादी नारायण हरपलानी (नारायण साईं का असली नाम) से हुई थी। लेकिन शादी के बाद उसके पति नारायण ने उसके सामने ही कई महिलाओं के साथ नाजायज संबंध कायम किए थे जिससे उसे मानसिक प्रताड़ना सहना पड़ी थी। साथ ही उसे पत्नी मानने से भी इंकार कर दिया था। नाबालिक से दुष्कर्म के केस में अासाराम को 2013 में इंदौर के आश्रम से गिरफ्तार किया गया था।

दूसरी शादी से नाजायज संतान

दुष्कर्म मामले में आसाराम और नारायण साईं के गिरफ्तार होने के बाद जानकी ने  आरोप लगाते हुए कहा था कि मेरे पति ने हमेशा धर्म के नाम पर ढोंग किया है। नारायण ने अपने आश्रम की एक साधिका से अवैध संबंध बनाए, जब यह साधिका गर्भवती हो गई तो उसने मुझसे कहा कि वह दूसरी शादी करना चाहते हैं। जानकी ने आरोप लगाया था कि नारायण साईं ने उससे तलाक लिए बगैर ही उस साधिका से राजस्थान में दूसरी शादी कर ली और उस महिला से उसे एक नाजायज संतान भी है।

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