Loading...

रावण भी रथ पर सवार था: शिवराज की रथयात्रा पर दिग्विजय सिंह | MP ELECTION NEWS

इंदौर। रावण के साथ भगवान राम के युद्ध के समय रावण रथ पर सवार था, जबकि भगवान राम की सेना पैदल थी। अब शिवराज सिंह ढाई करोड़ के रथ पर सवार हैं और कांग्रेस की सेना पैदल है। यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दिया है। उन्होंने अपने शासनकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि मेरे 10 साल के कार्यकाल में एक भी गड़बड़ी नहीं हुई। पिछले 15 साल में ये मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी मामला साबित नहीं कर पाए हैं। 

ये कायर लोग हैं, अपशब्दों का इस्तेमाल करना इनके चरित्र में है

यह जिक्र किये जाने पर कि भाजपा इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भी उनके खिलाफ यह जुमला (मिस्टर बंटाधार) बराबर इस्तेमाल कर रही है, दिग्विजय ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, मुझे यह जुमला (मिस्टर बंटाधार) परेशान नहीं करता। ये (भाजपा नेता) कायर लोग हैं और अपशब्दों का इस्तेमाल करना इनके चरित्र में है। 

मेरे और शिवराज के कार्यकाल पर खुली बहस कर लो

उन्होंने चुनौती दी, अगर शिवराज में साहस हो, तो वह कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार के 10 वर्षीय शासन और भाजपा के पिछले 15 साल से जारी राज को लेकर सार्वजनिक मंच पर मुझसे बहस करें। दिग्विजय ने कहा, मैं 10 साल तक सूबे का मुख्यमंत्री रहा। लेकिन भाजपा मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप अब तक साबित नहीं कर सकी है। 

जितना भी विकास हुआ उसकी नींव हमने रखी थी

उन्होंने कहा, भाजपा द्वारा बार-बार कहा जाता है कि मेरे मुख्यमंत्री रहने के दौरान प्रदेश में सड़क, बिजली और जल आपूर्ति की हालत खराब थी। लेकिन आज आपको इन क्षेत्रों में जो विकास दिखायी दे रहा है, उसकी नींव कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में ही रखी गयी थी। 

बिजली माफी योजना 2003 से प्रभावी करके दिखाए

दिग्विजय ने आरोप लगाया कि सूबे में भाजपा के राज में सरकारी बिजलीघरों को जान-बूझकर बंद रखा जा रहा है और भारी भ्रष्टाचार के जरिये निजी संयंत्रों से महंगी बिजली खरीदी जा रही है। प्रदेश की बिजली बिल माफी की योजना पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को चाहिये कि वह इस कार्यक्रम को दिसंबर 2003 से प्रभावी घोषित करे, जब भाजपा सत्ता में आयी थी। इसके साथ ही, पिछले 15 साल में गरीबों से बिजली बिल के रूप में वसूली गयी राशि उन्हें लौटायी जाये।
मध्यप्रदेश और देश की प्रमुख खबरें पढ़ने, MOBILE APP DOWNLOAD करने के लिए (यहां क्लिक करेंया फिर प्ले स्टोर में सर्च करें bhopalsamachar.com