बावरिया के बयान पर बवाल, KAMAL NATH नाराज, सज्जन सिंह भड़के

Saturday, June 23, 2018

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी दीपक बावरिया एक बार फिर विवादों में आ गए हैं। इस बार वो कमलनाथ गुट के निशाने पर हैं। उन्होंने कांग्रेस के दलित नेता एवं कार्यकारी अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह को संभावित कांग्रेस सरकार का डिप्टी सीएम घोषित कर दिया था। कमलनाथ इस मामले में काफी नाराज हो गए। सवाल के जवाब में उन्होंने यहां तक कह दिया कि 'जिन्होंने बयान दिया है उन्हीं से पूछें, वे ही बताएंगे।' इधर कमलनाथ समर्थक देवास के नेता सज्जन सिंह वर्मा ने बावरिया पर हमला बोल दिया है। गुरुवार को बावरिया ने बौद्ध समाज की बैठक में सरकार बनने पर सुरेंद्र चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का बयान दिया था। शुक्रवार को अनुसूचित जाति विभाग के कार्यकर्ताआें की बैठक में कार्यकर्ताओं ने इस पर विरोध दर्ज करवाया है। बयान से दलित नेताआें के साथ ही सवर्ण नेता भी नाराज हैं। नेताओं का मानना है कि पार्टी में बहुत वरिष्ठ नेता हैं। बयान से कार्यकर्ताओं में फूट पड़ेगी।

बावरिया जी, सीएम का नाम भी बता दीजिए: सज्जन वर्मा

प्रदेश प्रभारी बावरिया को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने दलितों को दोयम दर्जे का नहीं समझा। अब किसी कार्यक्रम में सीएम का नाम भी बता दें तो कार्यकर्ताओं को आसानी होगी। कांग्रेस में पहले से नाम घोषित करने की परंपरा नहीं है। सूत्रों के मुताबिक वर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी इस बयान पर आपत्ति जताई है। हालांकि उन्हाेंने कहा कि जो है ठीक है।

मुझे नहीं पता बावरिया ने ऐसा क्यों कहा: सुरेंद्र चौधरी

मैं कांग्रेस का सच्चा सिपाही हूं। मुझे इस बात से कोई मतलब नहीं है कि पार्टी में क्या जिम्मेदारी दी जाएगी। मैं पार्टी के लिए काम करता हूं। किसी भी पद के बारे में मैं कुछ नहीं सोचता। प्रदेश प्रभारी बावरिया ने ऐसा बयान क्यों दिया मुझे नहीं पता। प्रदेश में अबकी बार कांग्रेस सरकार बने हम सब इसके लिए काम कर रहे हैं।

मैं मीडिया से कुछ नहीं बाेलूंगा: दीपक बावरिया

सुरेंद्र चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का बयान देने वाले बावरिया ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में मीडिया से कोई बात नहीं करेंगे। उनसे पूछा गया था कि उनके बयान से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।

सामान्य सीटों पर भी दलितों की राय ली जाएगी

अनुसूचित जाति विभाग की बैठक में कार्यकर्ताआें ने कहा कि सामान्य वर्ग की सीटों पर एससी वर्ग के कार्यकर्ताओं की भी सलाह ली जानी चाहिए कि किस सीट पर किसे टिकट दिया जाए। बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति दी गई कि सामान्य सीट पर दलित नेताओं की सलाह भी ली जाएगी।

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