मप्र गरीबी: 2 बेटियों को बंधुआ रखा, बेटे को गोद दे दिया खुद भीख मांगती है महिला

16 May 2018

भोपाल। यह मध्यप्रदेश की गरीबी का चित्र है। एक मजदूर की मौत हो गई। उसके 5 बच्चे थे। पत्नी पर सारा बोझ आ गया। उसने दूसरी शादी की तो सौतेले पिता ने बड़ी बेटी के साथ रेप कर डाला। पुलिस ने उसे जेल में डाल दिया। महिला फिर दाने दाने को मोहताज हो गई। उसने दोनों बेटियों को बंधुआ रख दिया। 5 साल के छोटे बेटे को 100 रुपए के स्टाॅम्प पेपर पर गोदनामा लिखकर गोद दे दिया और 12 साल के बड़े बेटे को ट्रेन में बिठाकर भगा दिया। कहानी का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर भटक रहे 12 साल के बच्चे को पकड़ा। 

चाइल्ड लाइन की काउंसलिंग में हुआ खुलासा

चाइल्ड लाइन की अर्चना सहाय ने बताया कि पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस एक 12 वर्षीय लड़के को भोपाल छोड़ने आई थी। पुलिस ने उसे दिल्ली रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध हालत में पकड़ा था। पूछताछ में लड़के ने खुद को भोपाल के तलैया पुलिस थाना के नजदीक का रहने वाला बताया था। उसने मां और तीन बहिनों के बारे में जानकारी दी थी। चाइल्ड लाइन की काउंसलिंग के दौरान लड़के ने बताया कि उसकी मां ने दो बहनों को किसी महिला के घर मजदूरी के लिए रखा है। दोनों बहनें वहीं रहती हैं। मुझे घर से भगा दिया था। साथ ही पांच साल के छोटे भाई को किसी परिवार को गोद दे दिया। उसने बताया कि मां हम बच्चों का लालन-पालन करने में असमर्थ हैं। लड़के के इन बयानों की जांच करने चाइल्ड लाइन ने भोपाल पुलिस की मदद लेकर महिला को खोजा। साथ ही गोद दिए गए बच्चे और दूसरे स्थान पर बंधुआ मजदूर के रूप में काम कर रही दोनों लड़कियों को रेस्क्यू कर लिया है।

पहला पति मर गया, दूसरे ने बेटी का रेप कर दिया, क्या करती

रेस्क्यू किए गए बच्चों की मां ने बताया कि भीख मांगकर गुजारा करते हैं। हम चाहते थे कि बच्चे अच्छे घर में जाए इसलिए बच्चा गोद दिया था। वहीं बच्चियों को एक घर में काम में लगाया ताकि वह सुरक्षित रहें। एक बच्ची को सहारे के लिए अपने साथ रखा था। पांचों बच्चे उसके पहले पति की संतान है। पहला पति मजदूर था। उसकी मौत के बाद वह बच्चे पालने में असमर्थ थी, इसलिए उसने दूसरी शादी की थी। दूसरे पति और उसके दोस्त ने उसकी सबसे बड़ी बच्ची के साथ ज्यादती की थी, इसलिए वह जेल में है।

एसजेपीयू प्रभारी एसपी मिश्रा ने बताया कि एसजेपीयू और सहयोगी संस्था चाइल्ड लाइन ने मिलकर पांच बच्चों को रेस्क्यू किया है। महिला और बच्चों की कानूनी मदद का प्रयास किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी है। तीन बच्चों को बालगृह और दो को शिशु गृह भेज दिया है। 

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